HomeBreaking Newsफिर मंडराने लगा कोरोन का खतरा, उत्तराखंड में जारी हुए यह दिशा—निर्देश

फिर मंडराने लगा कोरोन का खतरा, उत्तराखंड में जारी हुए यह दिशा—निर्देश

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सीएनई डेस्क। कोविड—19 के बुरे दौर के फिर से लौटे जाने की चर्चा शुरू हो चुकी है। विगत एक माह से हांगकांग व सिंगापुर सहित कई देशों में तेजी से फैलने के बाद कोरोना अब भारत में भी दाखिल हो चुका है। इस बार करोना के बढ़ते मामलों के लिए JN.1 वैरिएंट माना जा रहा है। यह ओमिक्रॉन का एक नया सब-वैरिएंट है, जिसने एशिया के कुछ देशों में संक्रमण बढ़ा दिया है।

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सिंगापुर में अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ी है और हॉन्ग कॉन्ग में मौतें भी हुई हैं, इसलिए दुनियाभर के वैज्ञानिक इस नए वैरिएंट पर नजर रख रहे हैं। भारत में वायरस के 257 एक्टिव केस बताए जा रहे हैं।


फिर मंडराने लगा कोरोन का खतरा
फिर मंडराने लगा कोरोन का खतरा

इस बार कोरोना का डायरिया है सबसे अहम लक्षण

इस बार कोरोना के मामलों की बढ़ने की वजह JN.1 वैरिएंट है जोकि ओमिक्रॉन का एक सब वैरिएंट है। बताया जा रहा है कि इसके लक्षण कोरोना के अन्य वैरिएंट की तरह ही हैं लेकिन इसका सबसे आम लक्षण दस्त होना यानी डायरिया है, जो इव वैरिएंट से पीड़ित अधिकतर मरीजों में देखा जा रहा है।

कई देशों में तेजी से फैल रहा JN.1

JN.1, कोरोना वायरस का नया रूप है, जो ओमिक्रॉन BA.2.86 से निकला है। इसे पहली बार अगस्त 2023 में पहचाना गया था। Johns Hopkins के डॉक्टरों का कहना है कि JN.1 में कुछ ऐसे नए म्यूटेशन (बदलाव) हैं, जिससे यह और तेजी से फैलता है। इसमें लगभग 30 ऐसे म्यूटेशन हैं, जो शरीर की इम्यून सिस्टम को इसे पहचानने और लड़ने से रोकते हैं। इसके स्पाइक प्रोटीन में एक बदलाव इसे शरीर के इम्यून सिस्टम से और आसानी से बचने में मदद करता है। हालांकि BA.2.86 ज्यादा नहीं फैला था, लेकिन JN.1 कई देशों में तेजी से फैल रहा है।

JN.1 के क्या हैं लक्षण !

अधिकांश संक्रमित लोगों में ऊपरी श्वसन तंत्र से संबंधित हल्के लक्षण पाए गए हैं। कुछ सामान्य लक्षणों में बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, थकावट और मामूली जठरांत्र संबंधी समस्याएं शामिल हैं। कुछ मामलों में, नए वैरिएंट में भूख न लगना और लगातार मतली भी हो सकती है। ये लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं और आमतौर पर चार से पांच दिनों के भीतर ठीक हो जाते हैं।

संक्षेप में यदि इस तरह के लक्षण हों तो चिकित्सक से आप मिल सकते हैं —

  • सूखी खांसी
  • नाक बहना या बंद होना
  • सिरदर्द
  • गला खराब होना
  • बुखार
  • थकान या कमजोरी
  • स्वाद या गंध का चला जाना
  • डायरिया (इस वैरिएंट में ज्यादा देखा गया है)

उत्तराखंड में जारी हुए यह निर्देश —

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने भी कोविड- 19 के रोकथाम से संबंधित दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ सुनीता टम्टा ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने के साथ ही सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। जारी दिशा निर्देश के अनुसार, उत्तराखण्ड में भी कोविड-19 प्रबन्धन के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, वर्तमान समय में राज्य में एक भी व्यक्ति में कोराना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। अभी उत्तराखंड में इसे लेकर स्थिति सामान्य है।

पैनिक होने की जरूरत नहीं : स्वास्थ्य सचिव

स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार का कहना है कि उत्तराखंड में कोविड का एक भी मामला सामने नहीं आया है। स्थिति सामान्य है और ऐसे में जनता को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा देश के अन्य राज्यों कोरोना के मामले सामने आए हैं। जिसको देखते हुए सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।

जारी हुई यह सूचना —

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SOURCE: YOUTUBE SHORTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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