उत्तराखंड के 3 NCC कैडेट्स ने रचा इतिहास, माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा

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उत्तराखंड के 3 NCC कैडेट्स ने रचा इतिहास, माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा
उत्तराखंड के 3 NCC कैडेट्स ने रचा इतिहास, माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा

CNE DESK/उत्तराखंड के तीन NCC कैडेट्स वीरेन्द्र सामंत, मुकुल बंगवाल और सचिन कुमार ने अदम्य साहस और दृढ़ता का परिचय देते हुए दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया है। माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाले इन तीन युवकों ने गत 18 मई को यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।


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उल्लेखनीय है कि पर्वतारोहियों वीरेन्द्र सामंत, कैडेट मुकुल बंगवाल और कैडेट सचिन कुमार ने अपनी इस उपलब्धि के माध्यम देश को यह संदेश भी दिया कि भारत के युवा अगर ठान लें तो कोई भी चुनौती उनके रास्ते में नहीं आ सकती। इस सफलता पर कैडेट वीरेन्द्र सामंत ने कहा कि यह हमारी जीत नहीं है, यह हर उस युवा की जीत है जो सपने देखता है। हमने कडी चुनौतियों का सामना किया लेकिन हर कदम पर हमें अपने आप पर अपनी टीम पर और इस सपने को पूरा करने पर विश्वास था।

एवरेस्ट फतेह करने वालों का गांव

उल्लेखनीय है कि वीरेंद्र सामंत 20 वर्ष चंपावत से करीब 24 किलोमीटर दूर बडोली ग्राम पंचायत के पड़ंगा निवासी हैं। इसके अलावा मुकुल बंगवाल पौड़ी और सचिन कुमार उत्तरकाशी से हैं। इन्हें 3 अप्रैल को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और CDS अनिल चौहान ने इंडिया की NCC टीम को फ्लैग किया। टीम 5 अप्रैल को काठमांडो से और 10 अप्रैल को बेस कैंप के लिए रवाना हुई। 17 मई की सुबह 6 बजे टीम एवरेस्ट फतह करने निकली। 18 मई की सुबह 4 46 बजे एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा और NCC का झंडा फहराया गया। कैडेट वीरेंद्र सिंह सामंत का कहना है कि यह सिर्फ उनकी नहीं, हर उस युवा की जीत है जो सपने देखने का साहस रखता है।

सीएम ने दी बधाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा कैडेट्स को उनकी सफलता पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल इन कैडेट्स की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है। उनका साहस और समर्पण देश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बनेगा। उनकी सफलता एनसीसी के मूल्यों, अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास का प्रतीक है।

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