HomeUttarakhandRudraprayagरुद्रप्रयाग : सुरक्षा बल ही नहीं अधिकारी भी यात्रियों की जीवन रक्षा...

रुद्रप्रयाग : सुरक्षा बल ही नहीं अधिकारी भी यात्रियों की जीवन रक्षा के लिए निभा रहे हैं अहम भूमिका

रुद्रप्रयाग | श्री केदारनाथ धाम यात्रा में दर्शन करने पहुंच रहे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधाओं के लिए सुरक्षा बलों सहित अधिकारी भी अपने दायित्वों का निर्वहन संवेदनशीलता के साथ कर रहे हैं तथा यात्रा मार्ग में बीमार एवं घायल हो रहे श्रद्धालुओं का त्वरित रेस्क्यू कर उनको उपचार हेतु नजदीकी स्वास्थ्य रिलीफ कैम्प में पहुंचाया जा रहा है तथा श्रद्धालुओं के जीवन को बचाया जा रहा है।

CNE Creative News Express वीडियो
● CNE BREAKING VIDEO
🚨 मौके से बड़ी खबर
देखिए पूरा VIDEO
▶ वीडियो देखने के लिए यहां टैप करें
ADVERTISEMENTSAd

उत्तर प्रदेश निवासी दीपक जो केदारनाथ धाम के दर्शन करके वापस लौट रहे थे तथा गौरीकुंड के समीप घोड़े ने उक्त यात्री के पेट में लात मारने के कारण यात्री वहीं पर बेहोश हो गए थे जिसकी सूचना आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन को मिलते ही वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे एवं उक्त यात्री को पंपिंग सीपीआर देकर उसकी जान बचाई। आपदा प्रबंधन अधिकारी ने घायल तीर्थयात्री दीपक को अपने वाहन से उपचार हेतु सोनप्रयाग पहुंचाया जहां चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार कराया गया। इस तरह आपदा प्रबंधन अधिकारी ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए घायल दीपक के जीवन को बचाया।

सेक्टर अधिकारी गौरीकुंड ने बताया कि जीमैक्स के द्वारा उन्हें सूचना प्राप्त हुई कि गौरीकुंड में गेट के समीप जंजाम उड़ीसा निवासी सपना बहरा पैर फिसलने के कारण नीचे गिरने से महिला के सिर पर चोट आने के कारण बेहोश हो गई थी। सूचना मिलते ही डीडीआरएफ की टीम गौरीकुंड द्वारा उक्त महिला यात्री को स्टेक्चर के माध्यम से उपचार हेतु गौरीकुंड चिकित्सालय लाया गया। जहां चिकित्सकों द्वारा महिला का उपचार किया गया तथा अब महिला की स्थिति ठीक है।

सेक्टर अधिकारी केदारनाथ को सूचना प्राप्त हुई कि राजस्थान के तीर्थ यात्री नंदन किशोर के पैर में फ्रेक्चर होने पर एनडीआरएफ की टीम स्वामी विवेकानंद चिकित्सालय पहुंची जहां से उन्होंने उक्त व्यक्ति को हायर सेंटर के लिए हैलीपैड़ पहुंचाया। सेक्टर भीमबली को सूचना प्राप्त हुई कि मीठापानी के समीप एक यात्री पर घोड़ा से टक्कर मारने से पैर में मोच आ गई जिससे महिला चलने में असमर्थ थी। सूचना मिलते ही डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची तथा उपचार हेतु उक्त महिला को भीमबली से गौरीकुंड लाया गया। महिला यात्री का नाम सुष्मिता सोनी निवासी भोपाल जो केदारनाथ धाम से दर्शन कर वापस लौट रही थी।

जिला प्रशासन द्वारा हर पड़ाव पर तैनात रेस्क्यू टीम द्वारा नियमित किए जा रहे रेस्क्यू अभियान यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। रेस्क्यू सेवाओं का लाभ लेने वाले यात्री एवं उनके परिजन इस व्यवस्था से प्रभावित होते हुए रेस्क्यू टीम एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया है।

ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments