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दिल्ली के बेबी केयर सेंटर में आग लगने से 7 बच्चों की मौत, माता—पिता पूछ रहे कहां गया हमारा लाल

दिल्ली के विवेक विहार के बेबी केयर सेंटर में कल शनिवार देर रात भयानक हादसा हो गया। यहां अचानक लगी भीषण आग की चपेट में आने से 07 नवजात बच्चों ने दम तोड़ दिया। वहीं 05 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि एक की हालत गंभीर है।

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अग्निक्षमन दल के कर्मचारियों ने अस्पताल से 12 नवजात बच्चों का रेस्क्यू करते हुए इन बच्चों को तुरंत दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया। इलाज के दौरान 6 बच्चों की मौत हो गई, वहीं एक बच्चा आईसीयू में था, जिसने आज सुबह दम तोड़ दिया।

रात 11.30 बजे अचानक लगी आग

बताया गया है कि अग्निकांड देर रात हुआ। दिल्ली पुलिस के अनुसार, रात 11.30 बजे विवेक विहार से आग लगने के संबंध में पीसीआर पर कॉल आई थी। जिसके बाद मौके पर तमाम अधिकारी पहुंच गए थे। अस्पताल में 12 नवजात शिशु भर्ती थे और 01 की मौत आग लगने की घटना से पहले ही हो चुकी थी। सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से अस्पताल से बचाया गया और इलाज के लिए पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल, डी-237, विवेक विहार में शिफ्ट कर दिया गया।

मालिक नवीन के खिलाफ कार्रवाई हेागी

आग पर काबू पाने में करीब एक घंटे का समय लगा। रेस्क्यू किए गए बच्चों में से 6 को गत रात्रि ही मृत घोषित कर दिया गया। एक की मौत आज रविवार को उपचार के दौरान हुई है।सभी 7 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार अस्पताल के मालिक नवीन किची के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

चश्मदीदों ने जो बताया…

फायर कर्मी अंकित बंसत के अनुसार आग बहुत ज्यादा थी। 100 मीटर तक कोई जा नहीं सकता था। नर्स पिछले गेट से बाहर भाग रही थी। हमें 11 बच्चों के फंसे होने के बारे में बताया गया। बच्चों का रेस्क्यू किया गया, कुछ लोग बच्चों को अपनी गाड़ियों में लेकर चले गए। एंबुलेंस में बच्चों को दूसरे हॉस्पिटल भेज दिया। शुरू के 3-4 बच्चे तो ठीक थे, लेकिन बाद के बच्चे धुएं के कारण काले हो गए थे। उन्हें ज्यादा दिक्कत आई थी। उन्होंने बताया कि सिलेंडर फटने की आवाज बाहर तक सुनाई दी थी।

परिजनों का बुरा हाल

अग्निकांड के पास मौके पर कई परिजन पहुंचे। न्यू बॉर्न बेबी हॉस्पिटल के बाहर चीख—पुकार आज सुबह भी मची थी। माता—पिता अपने बच्चे के लिए परेशान थे और रो रहे थे। अस्पताल के बाहर अनिता नाम की महिला ने कहा कि परसों से हमारा बच्चा एडमिट था। बच्चा 17 दिन का हो गया था। कल दोपहर में दो बजे मिल कर गए। इसके बाद इस हादसे की जानकारी आज सुबह मिली। गाजियाबाद की विनिता सरोज ने कहा कि 15 मई को हल्का फीवर था तब लेकर आए थे। कल दोपहर में मिलकर गए थे। शाम को जब फोन किया तो हॉस्पिटल वाले कहते हैं कि बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया है। फिर शाम को मिलकर जाते हैं। वहीं अब सुबह से फोन नहीं उठ रहे हैं। हमें हमारा बच्चा चाहिए। वहीं एक और नवजात बच्चे की मां का कहना है कि मेरा बच्चा पिछले तीन दिनों से यहां भर्ती था। मेरे बच्चे को केवल बुखार था.। वहीं नवजात शिशु के एक रिश्तेदार का कहना है कि कल हमने अपने बच्चे को देखा। वो हमें यहां रहने नहीं दे रहे थे। हमें कोई जानकारी नहीं मिल रही है। डीएनए टेस्ट के बाद हम पहचान पाएंगे कि यह हमारा बच्चा था या नहीं।

 

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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