HomeUttarakhandAlmoraरानीखेत : अनाधिकृत रूप से कब्रगाह बनाने की कोशिश पर उपजा विवाद

रानीखेत : अनाधिकृत रूप से कब्रगाह बनाने की कोशिश पर उपजा विवाद

ADVERTISEMENTS

✒️ प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद निपटा मामला

👉 दावा 60 सालों से रह रहे हिंदू परिवार, पहली बार ऐसा वाक्या

रानीखेत। नगर में समुदाय विशेष के लोगों ने​ विवादित भूमि को कब्रगाह बनाने का प्रयास किया। हालांकि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ऐसे लोग अपने मंसूबों में कामियाब नहीं हो पाया।

उल्लेखनीय है कि समुदयक विशेष के व्यापारी की मौत के बाद उसे दफनाने की तैयारी उक्त भूमि सर्वे नंबर 357 पर की जा रही थी। जिसे एक पक्ष की आपत्ति तथा जनहित को देखते प्रशासन ने स्वीकार नही किया और यथावत शांति बनाए रखने के आदेश किये।

बता दें कि उक्त भूमि के निकट दो हिंदू परिवार पिछले 60 वर्षों से रहते आये हैं, जिन्होंने इस संदर्भ में प्रशासन को इसकी सूचना दी। जिसके चलते मौके पर तहसील प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन एवं कैंट छावनी के अधिकारी गण उक्त घटना स्थल पर पहुचे। जहां प्रशासन को रह रहे दो उक्त हिन्दू परिवार ने बताया कि पिछले 60 वर्षों से वर्तमान समय में रहते आये हैं। उन्होंने विशेष समुदाय को इस स्थान पर कब्र बनाते हुए कभी नही देखा। साथ ही वर्तमान समय मे यह आबादी से सटा क्षेत्र है। अतः इस स्थान का चयन कब्रस्तान के रूप में करना उचित नही होगा।

शांति से बातचीत के बजाए जबरन कब्रिस्तान बनाने की रची साजिश

उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान सर्वे नंबर 5 की भूमि पर स्थित है जहां निरंतर यह कब्रिस्तान वाजीफ काबिज है। यहां बता दें कि परिवार का कहना है कि सैकड़ों साल की पुरानी परंपरा को अगर विशेष समुदाय द्वारा कब्रिस्तान बनाना चाहते हैं तो क्षेत्र के सभी समाजिक संगठन तथा उक्त क्षेत्र के लोगों के साथ शांति से बैठ कर आपस में सुलझाया जा सकता था। मगर परिवार का कहना था कि विशेष समुदाय के लोगों ने उक्त शव को बगैर प्रशासन अधिकारी की अनदेखी में कब्र बनाने की नई शुरुआत की।

इन सभी तथ्यों के चलते सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने फिलहाल अगली आपसी बैठक जो कैन्ट कार्यालय के सम्मुख होने की बात कही। तब तक फिलहाल उक्त क्षेत्र में कब्र बनाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया है। शांति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। साथ ही विशेष समुदाय को यथावत कब्रस्तान सर्वे न० 5 में आदेश किये।

शांति बनाए रखने की अपील

इधर हिन्दूवादी संगठन के सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष पंत ने कहा कि उक्त क्षेत्र आबादी से जुड़ा बाहुल्य क्षेत्र है। जिसको लेकर पूर्व में भी जमीन कब्जाने संबंधित को लेकर विवाद की स्थिति सामने आई थी। जिसके चलते अब जहां विशेष समुदाय के लोग कब्रिस्तान बनाने की बात करते हैं। उसे उन्होंने अनुचित ठहराया। साथ् ही दोनों पक्षो के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments