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बागेश्वर: मेले में ठेका प्रथा उचित नहीं—डसीला

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👉 कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उत्तरायणी मेले की व्यवस्थाओं पर उठाई अंगुली

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भगवत सिंह डसीला ने उत्तरायणी मेले की व्यवस्थाओं पर अंगुली उठाई है और कहा है कि स्थानीय नगारिकों और कलाकारों का मान तक नहीं रखा जा रहा है। एक वायरस ग्रुफ को पूरे मेले का ठेका दे दिया है। जिससे स्थानीय लोग आहत हैं। यह परंपरा ठीक नहीं है। इसके विरुद्ध कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।

जिलाध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जिला प्रशासन उत्तरायणी मेले का आयोजन कर रहा है। जिसमें स्थानीय लोगों की भारी उपेक्षा की जा रही है। पहले भी प्रशासकों ने मेला कराया, किंतु अब यह मेला पूरी तरह अव्यवस्थाओं के शिकार हो गया है। एक वायरस नामक संस्था को मेले का ठेका दे गया है। वह पूरे मेले में वायरस फैला रहा है। उसके पास ठीक ढंग का एंकर तक नहीं है। सूचना विभाग में पंजीकृत कलाकारों को स्थान नहीं मिल सका है। परंपराओं की मजाक बना दी है। उन्होंने कहा कि मेले में ठेका प्रथा उचित नहीं थी।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले कि मेले की बैठकों के दौरान विपक्ष को कुर्सी तक नहीं मिली। वह अपनी बात नहीं रख सके। जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। झूला पुल एक वर्ष से बंद किया है। दंगल कराया जा रहा है, जबकि ऐसा पहाड़ की संस्कृति में कहीं भी नहीं है। मेले में रस्साकसी, वालीबाल, कबड्डी आदि प्रतियोगिताएं होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर जनता के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिसका हिसाब कांग्रेस मांगेगी। इस दौरान गोपाल राम टम्टा, ललित गोस्वामी, कुंदन गिरी आदि उपस्थित थे।

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