हल्द्वानी। उत्तराखंड सदन में नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा है कि सीपीयू के हस्तक्षेप को कम करने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा है कि कोरोना काल में लोगों के संसाधन शून्य हो गए हैं। ऐसे में सरकार की ओर से लगाया जाने वाला पांच सौ पांच हजार रुपये का जुर्माना भी बहुत अधिक है। फिलहाल सरकार को इसे शून्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीपीयू की करतूत हाल ही में रुद्रपुर के माध्यम ये दुनिया ने देखी है। अब सरकार को उस युवक का इलाज सरकारी खर्चे पर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम जनता के साथ ऐसा व्यवहार किसी को शोभा नहीं देता।
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