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बागेश्वर: 05 साल पहले क्षतिग्रस्त पुल आज तक नहीं बना

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👉 विकास को आइना दिखा रहा तीन गांवों को जोड़ने वाला जग्तूरौड़ा पु​ल

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: जग्तूरौड़ा गधेरे पर 08 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद भी पुल का लिंटर नहीं पड़ सका है। ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है। गांव के लोग बरसात में जान हथेली में रख स्थानीय गधेरे को पार करते हैं। स्कूली बच्चों के लिए पुल खतरा बना है। स्थानीय लोगों ने अब उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

वर्ष 2018-19 में आई आपदा के दौरान पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। सुमगड़, बांसे, बड़ेत गांवों को यह पुल जोड़ता है। जग्तूरौड़ा गधेरे पर बना यह पैदल पुल कपकोट के विकास का आइना दिखा रहा है। जंगल घास के लिए जाने वाली महिलाएं, स्कूल जाते बच्चे पुल का उपयोग करते थे। अभी तक पुल की मरम्मत के लिए आठ लाख रुपये की धनराशि भी व्यय हो गई है। लेकिन पांच वर्ष बाद भी काम अधूरा है। जिला पंचायत सदस्य वंदना ऐठानी ने कहा कि स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

वह अब सरकार से पूछ रहे हैं कि कपकोट के लिए बनाई जा रही नवीन योजनाओं का हस्र भी कुछ ऐसे तो नहीं होगा। ग्राम प्रधान भूपेश ऐठानी ने कहा कि यदि पैदल पुल पर शीघ्र लिंटर नहीं पड़ा तो आंदोलन किया जाएगा। इधर, जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने कहा कि पुल का काम किस कारण से रुका हुआ है। विभाग से इसकी पूरी जानकारी ली जाएगी। यदि काम में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई होगी। कार्यदायी संस्था या ठेकेदार जिस स्तर पर देरी हुई है उनकी जिम्मेदारी तय होगी।
जालियां टूटी, तो खतरा बनी नालियां

बागेश्वर: बस स्टेशन की नालियों की जाली टूट गई है। आए दिन यात्री चोटिल हो रहे हैं, दूसरी ओर पीपल का पेड़ दुकानों के लिए खतरा बना है। इस स्थिति से गुस्साए दुकानदारों ने यूजर चार्ज की वसूली को पहुंचे पालिका कर्मचारियों को खरी-खरी सुनाई। गत दिवस उन्हें बिना चार्ज दिए वापस कर दिया। व्यापारियों में आक्रोश है। उन्होंने पहले समस्या का हल करने की मांग की है। बस स्टेशन की नालियों की जाली क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिससे कई बार वह चोटिल हो गए हैं। लंबे समय से व्यापारी पालिका से पत्राचार कर रहे हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष कवि जोशी ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान व्यापारी रमेश तिवारी, शंकू राणा, कैलाश जोशी, जीवन परिहार, लीलाधर उपाध्याय, मोहन चंद्र उपाध्याय, संजय चौबे आदि उपस्थित थे। इधर, पालिका के अधिशासी अधिकारी हयात सिंह परिहार ने कहा कि शीघ्र व्यापारियों से वार्ता की जाएगी।

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