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क्वारब : दरक रहे पहाड़, बड़े खतरे में जर्जर पुल, नया कब बनेगा पता नहीं !

क्वारब-चौसली लिंक मार्ग खुशखबरी
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बड़ी खुशखबरी: क्वॉरब-चौसली लिंक मार्ग को मिली हरी झंडी, कल से खुल सकता है रास्ता!

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📌 सिर्फ पुल नहीं तीन जनपदों की है लाइफलाइन

CNE DESK/अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ तथा बागेश्वर जनपद की लाइफ लाइन कहे जाने वाले ऐतिहासिक क्वारब पुल की दशा खराब है। नये पुल का निर्माण लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। हालत यह है कि इस मानसून सीजन में क्वारब के पास लगातार पहाड़ टूट रहा है और यदि कभी यह पुल धरधरा कर गिर गया तो शासन-प्रशासन के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है।

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उल्लेखनीय है कि अल्मोड़ा को नैनीताल जनपद की सीमा से जोड़ने वाले ऐतिहासिक क्वारब पुल का निर्माण साल 1965 में हुआ था। अपने निर्माण के यह 58 साल पूरे करने जा रहा है। जबकि पुल की लाइफ लाइन अधिकतम 50 साल होती है। इस पुल की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। साल 2021 में इसका एक गाडर भी टूट गया था। तब बड़ी मुश्किल से इस पुल की मरम्मत की गई थी। हालांकि इस जर्जर पुल की दशा सुधारने की मांग तो साल 2013 से की जाती रही है।

जनता की लगातार मांग पर 29 जुलाई 2021 को यहां नए पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। पुराना पुल करीब 33 मीटर स्पान का है, जबकि नया पुल 36 मीटर स्पान का प्रस्तावित है। विडंबना यह है कि विगत वर्ष आपदा में इस पुल का एक हिस्सा ढह जाने से जान-माल का नुकसान भी हुआ था। वहीं, अकसर इस निर्माणाधीन पुल पर कोई न कोई हादसा हो जाया करता है।

इस बीच मानसून सीजन में क्वारब का नजदीकी पहाड़ लगातार दरक रहा है। वहीं, पुराना पुल जर्जर हालत में है। आम जनता का कहना है कि पता नहीं कितने बरसाती सीजनों में हमें क्वारब में नए पुल बनने का इंतजार करना पड़ेगा।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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