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पिथौरागढ़ : लगातार बढ़ रहा काली नदी का जल स्तर, जारी हुई चेतावनी

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पिथौरागढ़। धारचूला क्षेत्र में काली नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, इससे प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण काली नदी के पानी का स्तर बढ़ रहा है। इस पर प्रशासन ने जनता को चेतावनी जारी करके सतर्क रहने का आह्वान किया है।

शुक्रवार को जिला प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने काली नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की सूचना दी है। उन्होंने जनता से सतर्क रहने का आग्रह किया है। वर्तमान में काली नदी का जलस्तर 889.30 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर से 30 सेमी अधिक है।

इसके साथ ही, डीएम रीना जोशी ने एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस उपाधीक्षक, बीआरओ, एसएसबी आदि को अपने आवागमन के दौरान तत्पर रहने और सुरक्षा का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। सिचाई विभाग से धारचूला, बलुवाकोट, जौलजीबी, पीपली, तालेश्वर, झूलाघाट, बगड़ीहाट आदि क्षेत्रों में अपनी टीम तैनात करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, जलस्तर के बढ़ने से मकानों को खतरा हो सकता है, इसलिए लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने का भी आदेश जारी किया गया है।

अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है काली नदी

पिथौरागढ़ जिले में बहुत से प्राकृतिक सौंदर्य स्थल हैं, जिनमें से एक काली नदी. यह नदी भी है। यह जिले के पश्चिमी हिस्से में स्थित है। इसे महाकाली, कालीगंगा और शारदा के नाम से भी जाना जाता है। काली नदी भारत और नेपाल सीमा का विभाजन करती है।

इस नदी का उद्गम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में फैले हिमालय में 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कालापानी नामक स्थान से होता है। काली नदी का नाम इसे चारों ओर बसा देने वाली अपार हरियाली और उद्धारकारी प्रकृति से मिला है। यह नदी अपनी बहुतायत से मछली और अन्य जलजीवनों के लिए भी मशहूर है।

काली नदी के तट पर्यटन के लिए भी बहुत आकर्षक हैं। यहां आने वाले पर्यटक इस नदी के किनारे घूमने, पिकनिक करने और आत्म-विश्राम करने का आनंद लेते हैं। काली नदी के तट पर वन्यजीव भी पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक संपदा का हिस्सा हैं और पर्यटकों को खींचते हैं।

पिथौरागढ़ के काली नदी के किनारे घूमकर, शांति और सुंदरता का आनंद लेने का अवसर प्राप्त करें। यहां के मनोहारी पर्यटन स्थल प्रशासन और स्वागत कर्मियों द्वारा संचालित होते हैं, जो पर्यटकों को सुरक्षित और सुविधाजनक महसूस करवाते हैं। जब आप पिथौरागढ़ जाएं, तो यहां काली नदी का दर्शन जरूर करें और इस आश्चर्यजनक प्राकृतिक स्थल का आनंद उठाएं।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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