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देश व उत्तराखंड की कला-संस्कृति को विश्वपटल पर रख लौटे प्रो. शेखर जोशी

📌 स्टॉकहोम में नौवें विश्व समिट में शामिल हुए अल्मोड़ा के जाने-माने चित्रकार प्रो. शेखर जोशी

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ाः सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर अल्मोड़ा के चित्रकला विभागाध्यक्ष प्रो. शेखर चन्द्र जोशी Professor (Dr.) Shekhar Chandra Joshi स्वीडन के स्टॉकहोम में आयोजित नौवां विश्व समिट में प्रतिनिधित्व कर लौट आए हैं। इस समिट में कला, संस्कृति व इसकी स्वतन्त्रता के विभिन्न पक्षों का मंथन हुआ है। इस मंथन में विश्वभर के 80 देशों के 400 से अधिक कला संस्कृति और संबंधित क्षेत्रों के प्रमुख नीति निर्माता, शोधकर्ता, प्रबंधक एवं यूनेस्को प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रो. जोशी ने भारत की दृश्यकला समेत उत्तराखंड की भाषा, कला व संस्कृति से विश्वपटल पर रूबरू कराया।

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यहां लौटकर जाने-माने कलाकार प्रो. शेखर चंद्र जोशी ने समिट के अनुभव साझा किए और बताया कि सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने देश की भाषा, कला व संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर चिंता प्रकट की। विशेष रूप से देशज कला संस्कृति के उत्थान के लिए कार्य करने पर बल दिया। इस समिट में प्रो. शेखर चन्द्र जोशी ने समिट की कार्यशालाओं तथा पेेनल सेशन्स में अहम् भागीदारी की और अपनी कला नखक्षत चित्रों को प्रतिभागियों के बीच दिखाते हुए भारत की दृश्यकला व विशेष रूप से उत्तराखण्ड की भाषा व कला संस्कृति के बारे में बताया। सभी ने प्रो. जोशी की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

इस दौरान प्रो. जोशी (Professor (Dr.) Shekhar Chandra Joshi) ने वहां का आधुनिक कला संग्रहालय, नोबल प्राइज म्यूज्यिम, अन्य प्रमुख स्थलों व कला संस्थानों का भ्रमण कर जानकारी प्राप्त की। समिट में प्रतिनिधित्व कर लौटने पर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलपति प्रो. जगत सिंह बिष्ट, कुलसचिव प्रो. ईला बिष्ट, परिसर निदेशक प्रो. प्रवीण बिष्ट, संकायाध्यक्ष प्रो. एमएम जिन्नाह, प्रो. अरविन्द अधिकारी, प्रो. जया उप्रेती, प्रो. भीमा मनराल, प्रो. ईला साह, प्रो. जेएस बिष्ट, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. जीसी साह, प्रो. सोनू द्विवेदी व चित्रकला विभाग के शिक्षकों डॉ. संजीव आर्य, डॉ. ललित जोशी, डॉ. सागर सिंह भैंसोडा आदि ने प्रो. शेखर जोशी को बधाई दीं।

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