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देहरादून में नया विधानसभा भवन बनाया जाना उत्तराखंड के शहीदों का अपमान, उलोवा ने जताई आपत्ति

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अल्मोड़ा। देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य का नया विधानसभा भवन बनाये जाने पर उत्तराखण्ड लोक वाहिनी ने सख्त आप दर्ज करते हुए प्रदेश सरकार पर उत्तराखंड के शहीदों और आंदोलनकारियों के बलिदान को शर्मसार किया करने का आरोप लगाया है।
सामाजिक दूरी का पालन करते हुए यहां हुई उलोवा की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जब सरकार गैरसैंण को ग्रीष्म कालीन राजधानी घोषित कर चुकी है तो अघोषित राजधानी में विधानसभा भवन बनाने का क्या औचित्य है। गैरसैंण पर्वतीय राज्य की अवधारणा का केन्द्र है अत: गैरसैंण में ही राजधानी के विकास को महत्व दिया जाना चाहिये। उन्होने कहा कि सत्ताधारी व विपक्ष की पार्टियों को इसमें अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए।उन्होंने सवाल किया कि छोटे से प्रदेश मे दो-दो राजधानियों का क्या औचित्य है। बैठक में चितई स्थित प्रसिद्ध गोलजू मंदिर में मंदिर प्रबंध समिति (ट्रस्ट) का गठन किए जाने को भी स्वागत योग्य कदम बताया गया। बैठक की अध्यक्षता जगत रौतेला व संचालन पूरन चन्द्र तिवारी ने किया। बैठक मे जंग बहादुर थापा, दयाकृष्ण कांडपाल, अजयमित्र सिंह बिष्ट, माधुरी मेहता, कुणाल तिवारी, शमशेर जंग गुरंग, रेवती बिष्ट, अजय मेहता, सूरज टम्टा, अनीस उद्दीन आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर समाजिक कार्यकर्ता मनीष सुन्दरियाल के पिता विजय सुंदरियाल की मृत्यु पर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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