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पर्वतीय स्कूलों के बच्चे भी पियेंगे अब आंचल का पौष्टिक दूध, सीएम आंचल अमृत योजना

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➡️ प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को सप्ताह में एक बार मिलेगा फोर्टिफाइड दूध

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में भी अब कक्षा 01 से 08 तक के बच्चों को सप्ताह में एक बार पौष्टिक दूध पीने को मिलेगा। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार के लिए मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना शुरू की गई है। आज से अल्मोड़ा के संकुल केंद्रों में दुग्ध चूर्ण पहुंचने शुरू हो गये हैं।

दुग्ध संघ अल्मोड़ा के प्रधान प्रबंधक संतोष कुमार सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा अल्मोड़ा को जारी पत्र में कहा है कि उप सामान्य प्रबन्धक/नोडल अधिकारी, आँचल अमृत योजना, यू०सी०डी०एफ०लि० हल्द्वानी के कार्यालय से जारी निर्देर्शों के अनुसार “मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना” के अंतर्गत प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को सप्ताह में एक बार क्रमशः 10 ग्राम एवं 15 ग्राम फोर्टिफाइड मीठा सुगन्धित दुग्ध चूर्ण वर्तमान में 07 सप्ताह हेतु उपलब्ध कराया जाना है। अतएव संस्था द्वारा संकुलवार उपलब्ध मात्रा में दुग्ध चूर्ण संकुल केन्द्र तक पहुंचाया जा रहा है। प्रथम बार की आपूर्ति के साथ प्रत्येक विद्यालय को जार, मापक, चम्मच एवं पम्पलेट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने शिक्षाधिकारी से अनुरोध किया है कि वह अपने स्तर से भी संकुल प्रभारियों को योजना के सही क्रियान्यवयन हेतु निर्देशित करने का कष्ट करें।

पत्र की प्रतिलिपी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु निम्न लोगों को भेजी गई है —

⏩ प्रभारी स्टोर, दुग्ध संघ अल्मोड़ा। जिसमें उन्हें निर्देशित किया गया है कि प्रभारी पी०एण्ड०आई० से समन्यवय स्थापित करते हुए, संलग्न सूची के अनुसार विद्यालयों में ग्रीष्म अवकाश से पहले संकुलवार आवंटित मात्रा के अनुसार दुग्ध चूर्ण एवं प्रत्येक विद्यालय हेतु (संकुल में विद्यालयों की संख्या के अनुसार) एक-एक जार, मापक, चम्मच एवं पम्पलेट संकुल केन्द्र तक पहुंचाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करना सनिश्चित करें।

⏩ प्रभारी पी०एण्ड०आई०, दुग्ध संघ अल्मोड़ा को इस निर्देश के साथ कि उपरोक्तानुसार दुग्ध चूर्ण वितरण कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

⏩ प्रभारी एम.आई.एस./प्रभारी यातायात दुग्ध संघ अल्मोड़ा को इस निर्देश के साथ कि उपरोक्तानुसार आवश्यकतानुसार वाहन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

⏩ प्रभारी वित्त एंव लेखा दुग्ध संघ अल्मोड़ा।

⏩ समस्त संकुल प्रभारी, जनपद अल्मोड़ा को इस अनुरोध के साथ कि संलग्न सूची के अनुसार प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में उपरोक्तानुसार सामग्री का वितरण करवाने का कष्ट करें।

⏩ सहायक निदेशक महोदय, डेरी विकास विभाग, अल्मोड़ा।

⏩ प्रबन्ध निदेशक महोदय, यू०सी०डी०एफ०लि० हल्द्वानी नैनीताल।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना का उद्देश्य यह है कि इसके माध्यम से बच्चों को उचित पोषण मिलेगा जो कुपोषण के खतरे को रोकने में मदद करेगा। पहले योजना के तहत 3 से 6 साल के बच्चों को मुफ्त दूध मिल रहा था। अब कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को भी यह पौष्टिक दूध मिलेगा। इस योजना का प्राथमिक फोकस यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में स्वस्थ बच्चे हों जो देश के भविष्य को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक है। महिला अधिकारिता एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस योजना को राज्य में कुपोषण से लड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना शुरू करने की आवश्यकता महसूस की गई है, क्योंकि राज्य में 18,000 बच्चे कुपोषण से पीड़ित हैं।

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SOURCE: YOUTUBE SHORTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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