नैनीताल (क्षेत्रीय समाचार ब्यूरो): जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देशों के क्रम में आज कैंची धाम और खैरना क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर प्रशासन की टीम ने औचक छापेमारी की। इस औचक निरीक्षण से पंप संचालकों में हड़कंप मच गया। जांच टीम का नेतृत्व उप जिलाधिकारी (SDM) कैंचीधाम मोनिका आर्या ने किया। टीम में तहसीलदार भुवन भंडारी और पूर्ति निरीक्षक अनीता पंत मझेड़ा मुख्य रूप से शामिल रहे।



हिमालयन स्टॉप ओवर पेट्रोल पंप (खैरना) की जांच
जांच टीम ने सबसे पहले खैरना स्थित एचपी (HP) के पेट्रोल पंप ‘हिमालयन स्टॉप ओवर’ का निरीक्षण किया। यहाँ तेल के स्टॉक और बिक्री का मिलान किया गया।
तेल स्टॉक की वर्तमान स्थिति: निरीक्षण के समय पंप पर 4649 लीटर पेट्रोल, 11594 लीटर डीजल और 6050 लीटर पावर पेट्रोल का स्टॉक मौजूद पाया गया। सुबह से निरीक्षण के समय तक यहाँ 2024 लीटर पेट्रोल और 3882 लीटर डीजल की बिक्री हो चुकी थी।
जनसुविधाओं का अभाव और सख्त निर्देश: निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इतने महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित होने के बावजूद पंप पर यात्रियों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। एसडीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, उपभोक्ताओं की शिकायत पर यह भी निर्देशित किया गया कि ग्राहकों को उनकी इच्छा के विरुद्ध पावर पेट्रोल खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए।
आस्था लक्षिता पेट्रोल पंप (गंगोरी) का निरीक्षण
इसके बाद टीम ने गंगोरी स्थित बीपीसीएल (BPCL) के ‘आस्था लक्षिता’ पेट्रोल पंप की जांच की। यहाँ भी सुविधाओं के नाम पर भारी लापरवाही देखने को मिली।
स्टॉक की स्थिति: इस पंप पर पावर पेट्रोल की बिक्री नहीं पाई गई। साधारण पेट्रोल का शेष स्टॉक 7224 लीटर और डीजल का स्टॉक 5205 लीटर दर्ज किया गया।
मशीनें खराब, यात्री परेशान: जांच में सामने आया कि इस पेट्रोल पंप पर न तो पीने के पानी की सुविधा थी और न ही वाहनों में हवा भरने वाली मशीन (Air Compressor) काम कर रही थी। यात्रियों की सुविधा के लिए अनिवार्य इन सेवाओं के बंद मिलने पर उप जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और इन्हें तुरंत चालू करने की चेतावनी दी।
प्रशासन की चेतावनी
उप जिलाधिकारी मोनिका आर्या ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंप स्वामियों को केवल तेल की बिक्री पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि सरकार द्वारा निर्धारित जनसुविधाएं प्रदान करना भी उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि निरीक्षण के दौरान ये कमियां फिर से पाई गईं, तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


