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अल्मोड़ा : अपूरणीय क्षति है लता मंगेशकर का निधन, कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

साईं निष्काम सेवा समिति अल्मोड़ा के तत्वाधान में यहां चौक बाजार में हुए कार्यक्रम में स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दु:ख प्रकट किया गया। तमाम लोगों ने कैंडल जलाकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि लता मंगेशकर 92 साल की उम्र में हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह कर चली गईं। उनका निधन संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न लता मंगेशकर भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका थीं, जिनका छह दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। जिनकी आवाज़ ने छह दशकों से भी ज़्यादा संगीत की दुनिया को सुरों से नवाज़ा है। भारत की ‘स्‍वर कोकिला’ लता मंगेशकर ने 20 भाषाओं में 30,000 गाने गाये हैं। कुमारी लता दीनानाथ मंगेशकर का जन्म 28 सितम्बर, 1929 इंदौर, मध्यप्रदेश में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक कुशल रंगमंचीय गायक थे। दीनानाथ जी ने लता को तब से संगीत सिखाना शुरू किया, जब वे पांच साल की थीं। ऐसी महान गायिका की कमी संगीत जगत में हमेशा खलेगी।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मनोज सनवाल, डीके कांडपाल, सूरज साह, दीपक साह, दीपक पांडे, रामप्रकाश निरंकारी, शोभा जोशी, गिरीश धवन, दीप जोशी, पुष्पा बोरा, आशुतोष सती, डॉ. जेसी दुर्गापाल, ममता चौहान, जगदीश जोशी, दीपक जोशी, रोहित वर्मा, गीता बिष्ट, शिवानी बिष्ट, गीता पंत, रीता दुर्गापाल आदि मौजूद रहे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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