अल्मोड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र मटेला, अल्मोड़ा के वैज्ञानिक डॉ राजेश कुमार ने वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण काल मेें स्वयं सहायता समूह के जरिये महिलाओं को महिला सशक्तिकरण के बारे में जागरूक करने का अभियान जारी रखा है। उनके द्वारा महिलाओं को आजीविका बढ़ाने के लिए मोमबत्ती, अगरबत्ती, धूपबत्ती बनाना आदि लघु उद्योगों एवं स्थानीय उत्पादों जैसे मडुवे का आटा, गहत, काला भट्ट, झंगोरा का चावल, धनिया, मिर्च, हल्दी आदि के कारोबार को बढ़ाने की तरकीबें बताई जा रही हैं। साथ ही इन्हें मूल्यवर्धन करके उनकी ग्रेडिंग, पैकिंग के गुर सिखाएं जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूूूूह के माय्यम से राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही स्थानीय युवाओं को ऐसे कृषि पैदावार करने के लिए कहा, जिन्हें बंदर, सूअर आदि जंगली जानवर कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। ऐसी फसलों के बारे में युवाओं को बहुत से स्वरोजगार व्यवसायों के बारेे में जानकारी प्रदान की गई है। इसके साथ ही उपस्थित महिलाओं एवं युवाओं से राज्य सरकार द्वारा कोरोना महामारी के संबंध में दिए जा रहे आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
अल्मोड़ाः कृषि उत्पादों को आजीविका का साधन बनाने की सीख दे रहे वैज्ञानिक डॉ राजेश कुमार
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Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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