सड़कों पर मलबा, जल निकासी समस्या पर प्रदर्शन
आपदा प्रबंधन पर उठे सवाल, हरबगड़ में आवासीय मकान क्षतिग्रस्त
सीएनई रिपोर्टर। बागेश्वर
बागेश्वर: जिले में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, सात सड़कों पर मलबा आने से यातायात ठप हो गया है और कई जगह बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बागेश्वर जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया और सरकार की आपदा प्रबंधन नीति पर गंभीर सवाल उठाए। दूसरी ओर, बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को लेकर बागेश्वर संघर्ष वाहिनी ने कलक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
🌧️ नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का दौरा — आपदा प्रभावितों से की मुलाकात
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य मंगलवार को बागेश्वर जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके की स्थिति का जायजा लिया।

आर्य ने कहा कि आपदा प्रभावितों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। संचार व्यवस्था ठप है, सड़कें तथा पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हैं, वहीं विद्युत आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित है। उन्होंने कहा कि सरकार इन हालातों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आर्य ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान आपदा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर मात्र 15 मिनट की चर्चा कर सरकार ने अपनी संवेदनहीनता जाहिर कर दी। उन्होंने कहा कि अब तक आपदा पीड़ितों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई है, जबकि इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है।
आर्य ने बताया कि वह इससे पहले पौसारी क्षेत्र का भी दौरा कर चुके हैं, जहां हालात बेहद दयनीय हैं। उन्होंने कहा कि जब तक आपदा प्रभावितों को सम्मानजनक तरीके से राहत सामग्री और सुविधाएं नहीं दी जाएंगी, उनकी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से पौसारी और हड़बाड़ गांवों के लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर बसाने की जरूरत बताई और कहा कि इस मुद्दे को लेकर वह सरकार से वार्ता करेंगे।
आर्य ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार कल से सेवा पखवाड़ा मनाने जा रही है, लेकिन जरूरत आपदा पखवाड़ा मनाने की है, ताकि आपदा पीड़ितों की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दिया जा सके और उन्हें न्याय मिल सके।
इस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, जिलाध्यक्ष भगवत सिंह डसीला, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश सिंह ऐठानी, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री राजेंद्र टंगड़िया, सुनील भंडारी, विनोद पाठक सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।
⚡ लगातार बारिश का कहर — सात सड़कें बंद, मकान क्षतिग्रस्त
लगातार हो रही बारिश ने जिले में तबाही मचा दी है। कपकोट में सबसे अधिक 48 एमएम, बागेश्वर ब्लॉक में 24 एमएम और गरुड़ ब्लॉक में 8 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी कार्यालय के अनुसार हरिनगरी-पय्या, कमेड़ीदेवी-भैसूड़ी, कपकोट-पिंडारी, बदियाकोट-कुंवारी, कपकोट-पोलिंग, चेटाबगड़ और सूपी-झूनी मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हैं।
अतिवृष्टि के कारण नीमा देवी पत्नी जगरनाथ निवासी ग्राम हरबगड़ के आवासीय मकान का आंगन क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि धर्मानन्द पुत्र चिंतामणि निवासी ग्राम पाटली के आवासीय मकान को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बंद मार्ग खोलने का कार्य तेजी से चल रहा है और आपदा कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
💧 संघर्ष वाहिनी का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन — निकासी व्यवस्था सुधारने की मांग
बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था नहीं होने से नाराज बागेश्वर संघर्ष वाहिनी ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया।

समिति के अध्यक्ष कवि जोशी के नेतृत्व में लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी की। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि बागेश्वर-कपकोट मोटर मार्ग स्थित वार्ड नंबर सात कठायतबाड़ा के पास सदाबहार व बरसाती नाली की निकासी व्यवस्था नहीं है। नाली का पानी लोगों के घरों और खेतों में जा रहा है, जिससे लोगों की फसलें भी प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि किमी चार पर बने कलमठ का पानी धारागैर पर बने घरों का पानी नियर कंट्रीवाइड के पास बने कलमठ पर आता है, लेकिन वहां से आगे निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। कलमठ भरने से पानी लोगों के घरों में घुस रहा है और सड़क मार्ग भी बार-बार अवरुद्ध हो रहा है।
इस दौरान महेश सिंह, केदार सिंह, मंजू, जानकी, चम्पा, ररंजू, लीला, तारा, सरस्वती कालाकोटी, पार्वती देवी, गीता आदि मौजूद रहे।

