सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से घिरी महिला को अदालत से राहत मिली है। मामले पर सुनवाई करते हुए जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने महिला को दोषमुक्त करार दिया है।
मामला जनवरी, 2019 का है। अल्मोड़ा तहसील के चैमू क्षेत्र के पटवारी क्षेत्र गंगतानी में 30 जनवरी, 2019 को क्षेत्र के निवासी धीरज मोहन जोशी पुत्र जगदीश चंद्र चंद्र जोशी ने जगदीश चंद्र जोशी पुत्र चंद्रशेखर जोशी तथा पुष्पा जोशी पत्नी चंद्रशेखर जोशी के खिलाफ धारा 328 व 504 ता.हि. के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। धीरज मोहन जोशी का आरोप था कि उक्त दोनों विपक्षीगणों ने उसके पिता को प्रताड़ित किया और उसके पिता को जहर देकर आत्महत्या के लिए उकसाया और घटना के बाद वह अपने पिता को उपचार के लिए बेस अस्पताल अल्मोड़ा लाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया। जहां 1 फरवरी, 2019 को उसके पिता जगदीश चंद्र जोशी की मृत्यु हो गई।
विवेचना के दौरान आरोपी जगदीश चंद्र जोशी के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले, तो विवेचक ने आरोप पत्र से उसका नाम हटा दिया। इसके बाद दूसरी आरोपी पुष्पा जोशी के विरुद्ध धारा 306 व 504 ता.हि. के तहत मुकदमा जिला सत्र न्यायाधीश की न्यायालय में चला। जहां अभियोजन पक्ष की ओर से 9 गवाह परीक्षित कराए गए। आरोपी की ओर से पैरवी एडवोकेट रोहित कार्की व विनोद फुलारा ने की। इस मामले में तथ्यों के विचारण के आधार पर और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश प्रदीप पंत की अदालत ने आरोपी पुष्पा जोशी को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
ALMORA NEWS: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से महिला हुई दोषमुक्त
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