HomeUttarakhandAlmoraAlmora News : गोल्डन कार्ड के नाम पर पेंशनरों को क्यों ठग...

Almora News : गोल्डन कार्ड के नाम पर पेंशनरों को क्यों ठग रही सरकार ! अधिकांश अस्पताल नही स्वीकार रहे कार्ड, जो सूची में शामिल उनके पास सुविधा नही, बगैर सहमति हो रही कटौती, वर्चुअल बैठक में विसंगति दूर नही होने पर आंदोलन की चेतावनी

CNE REPORTER, ALMORA

ADVERTISEMENTSAd

गर्वनमेंन्ट पैशनर्स वेलफेयर आर्गनाईजेशन उतराखण्ड जनपद शाखा की आज हुई वर्चुअल बैठक में तय हुआ कि गोल्डन कार्ड योजना में निहित विसंगतियों को यदि दूर नही किया गया तो एक वृहद आंदोलन शुरू कर दिया जायेगा। संगठन ने देहरादून में चल रहे आंदोलन के प्रति भी समर्थन व्यक्त किया।
वर्चुअल बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखण्ड शासन द्वारा अटल आयुष्मान योजना के के अन्तर्गत पेंशनर्स व पारिवारिक पेंशनर्स से माह जनवरी 21 के पेंशन पारिवारिक पेशन से कार्यरत कर्मचारियों के समान गोल्डन कार्ड के नाम पर अंशदान की कटौती कर दी गई है। अंशदान की कटौती उन पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरो से भी कर दी गई है, जिन्होने अभी तक गोल्डन कार्ड नही बनाये गये हैं। किसी परिवार में पति—पत्नी सरकारी पेंशनर हैं तो दोनों की पेंशन से कटौती की गई है। इस पर सभी पेंशनरों द्वारा विरोध दर्ज किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि पेशनरों, पारिवारिक पेंशनरों से राय नही ली गई एवं दोनो पेंशनरो से कटौती करना अन्याय है। बैठक में महासचिव हेमचन्द्र जोशी ने कहा कि ओपीडी कैश लेशन होने के कारण गोल्डन कार्ड का पेंशनरों के लिए कोई औचित्य नही रह जाता, नीजि चिकित्सालय गोल्डन कार्ड को स्वीकार भी नही कर रहे हैं। हरीश जोशी ने अवगत कराया कि उनके द्वारा सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली से जानकारी प्राप्त की तो उन्होंने भी गोल्डन कार्ड स्वीकार करने से मना कर दिया। ऐसे ही कई चिकित्सालय में अभी तक अनुबन्ध नही किया गया है। पेंशनरों का कहना है कि जब तक पूरी व्यवस्था नही है तब तक कटौती करने का कोई औचित्य नही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों जिला चिकित्सालया को गोल्डन कार्ड हेतु चिकित्सालयों की सूची में जोड़ा गया है, जहां पर कोई सुविधा नही है। पेंशनर्स जो वृद्ध होते है। जिन्हें केवल दवाओं की आवश्यकता होती हैं जो कैशलेश नही है। चन्द्रमणी भट्ट ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य योजना में केशलेस योजना स्वेच्छिक है तथा पेंशनरों को चिकित्सा भत्ते के रूप में 1000 प्रति माह पेंशन के साथ मिलता है। बैठक में मांग की गई हैं पेंशनर्स की अंशदान कटौती पेशन के अनुरूप आधी की जाय। ओपीडी केशलेश की जाय एवं योजना को स्वेच्छिक किया जाय। योजना के अन्तर्गत आयुर्वेदिक/होमोपेथिक अस्पतालों को भी जोड़ा जाय। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो शीघ आन्दोलन किया जायेगा। देहरादून में किये जा रहे आन्दोलन का समर्थन भी किया गया। बैठक में नवीन पाठक, गोकुल रावत, पी एस सत्याल. एमसी काण्डपाल, हरीश जोशी, जीडी कोठारी, गिरीश चन्द्र जोशी, पीएल साह, डॉ. जेसी दुर्गापाल, श्याम सिह रावत, पीएस बोरा, लक्ष्मण सिंह ऐठानी, मथुरादत्त मिश्रा, पुष्पा गैड़ा, लीला खोलिया, अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी, महासचिव हेम चंद्र जोशी, सुनयना मेहरा आदि शामिल

ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments