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सारी पात्रता रखता है, फिर क्यों न मिले अल्मोड़ा को हैरिटेज सिटी का दर्जा ! चंदों की रही है राजधानी, अद्भुत सांस्कृतिक—ऐतिहासिक विरासतों का है यहां संगम

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पौड़ी को हैरिटेज सिटी बनाये जाने की घोषणा की है, यह जरूरत सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा की भी है। होटल शिखर के सभागार में आयोजित धर्म निरपेक्ष युवा मंच की पहल पर आयोजित विचार गोष्ठी में बौद्धिक वर्ग ने यह मांग पूर्ण तार्किक विश्लेषणों के आधार पर रखी। मूल मुद्दा यही था कि अल्मोड़ा शहर को हैरिटेज सिटी कैसे बनाया जाये ? गत दिवस हुई इस विचार गोष्ठी की शुरुआत में मंच के संयोजक विनय किरौला ने कहा कि मुख्यमंत्री के पौड़ी को हैरिटेज सिटी बनाये जाने की घोषणा के बाद मंच द्वारा लगातार शासन प्रशासन से मांग की जा रही है कि आफिसली तौर पर अल्मोड़ा शहर को भी हैरिटेज सिटी बनायी जानी चाहिए अथवा उसकी तर्ज पर विकास करना चाहिए। जिससे अल्मोड़ा शहर जो कि वर्षों से चंद राजाओं की राजधानी रहा और विशाल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुआ है चारों तरफ मंदिर का समूह है और हैरिटेज सिटी बनने की सारी पात्रता रखता है। इसलिये आम जन मानस को दलगत राजनीति से उपर उठकर लामबंद होने की जरूरत है। इस विचार गोष्ठी के माध्यम से सभी लोग एकजुटता से इस मुहिम के साथ जुड़कर मंच के वार्ड से वार्ड चलो अभियान के तहत प्रत्येक मोहल्ले में जाकर इस मुहिम हेतु अल्मोड़ा शहर के प्रति संवेदनशीलता रखने वाले आम नागरिकों को जोड़ा जायेगा जिससे शहर में आधारभूत सुविधाओं का ढांचा तैयार हो सके।
वक्ताओं में प्रफुल्ल पंत ने कहा कि हमें दलगत राजनीति से उपर उठकर अल्मोड़ा के हैरिटेज को बचाने हेतु आम जन मानस को एकजुटता के साथ लामबंद होने की आवश्यकता है। त्रिभुवन गिरी महाराज ने बताया कि लोकगाथाओं को संरक्षित कर लोककलाकारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने की जरुरत है। राजेश बिष्ट और भरत साह ने हैरिटेज सिटी में पर्यटन की विशेष भूमिका और सरकार की नीतियों को सुधार करने की आवश्यकता है। हैरिटेज प्वाइंट्स विकसित करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर वक्ताओं में पूर्व वैयक्तिक अधिकारी जिलाधिकारी प्रफुल्ल पंत, व्यस्थापिका मंगलदीप विधालय मनोरमा जोशी, मनोहर सिंह बृजवाल भूतपूर्व कार्यालय अध्यक्ष आकाशवाणी, त्रिभुवन गिरी महाराज, प्रबंधक होटल शिखर राजेश बिष्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह, वरिष्ठ अधिवक्ता हयात सिंह रावत जी, ऐपण कला से मीना जोशी, साहसिक गतिविधियों में अग्रणी भरत साह, वरिष्ठ अधिवक्ता केवल सती, वरिष्ठ अधिवक्ता जमन सिंह बिष्ट, योग के क्षेत्र म़े योगदान देने वाले दया कृष्ण कांडपाल मौजूद रहे।
साथ ही उपस्थित गणमान्य लोगों म़े डां शेखर जोशी, जंग बहादुर थापा, वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर लखचौरा, मनमोहन चौधरी, प्रत्यूष पांडेय उपाध्यक्ष व्यापार मंडल, त्रिलोचन जोशी, मनोज सनवाल, देवेन्द्र भट्ट, नरेश बिष्ट, सौरभ पांडे, अमन नज्जौन, डॉ. लीला चौहान उपस्थित रहे।

एवं धर्म निरपेक्ष युवा मंच से मंच संयोजक विनय किरौला, ग्राम प्रधान डाल हर्ष सिंह बिष्ट,ग्राम प्रधान पिल्खा वीरेन्द्र पिलख्वाल,ग्राम प्रधान नवीन रावत, मयंक पंत,पवन मुस्यूनी, मनीष भाकुनी, निरंजन पांडेय,विनोद मुस्यूनी, अशोक भंडारी, भाष्कर देवड़ी, कमलेश सनवाल, अजय रावत,मनोज भाकुनी,सतीश कुमार,राजेंद्र लटवाल,सागर आर्या,नरेंद्र बिष्ट,सुनीता तिवारी,महिपाल सिंह,जगदीश लटवाल, विनोद चंद्र पांडेय,प्रकाश लटवाल,प्रकाश तिवारी, राजेंद्र सिंह राणा,कमला नेगी, गीता बिष्ट, नंदन सिंह अधिकारी,पंकज नेगी, कैलाश सिंह नेगी, अरुण गौतम,जगदीश,ऋषभ टम्टा, राज टम्टा, भाष्कर कुमार,देवेंद्र धामी,दीपप्रकाश,लल्लू लाल,त्रिभुवन बिष्ट, महेन्द्र, हेमन्त, जीवन सिंह बिष्ट, सचिन टम्टा,अमित चौधरी, हिमांशु टम्टा, कैलाश सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह बिष्ट, इत्यादि लोग मौजूद रहे।

विचार गोष्ठी के अंत में सभी बुद्धिजीवी और संभ्रात लोगों ने ये निष्कर्ष दिया कि धर्मनिरपेक्ष युवा मंच के नेतृत्व में अल्मोड़ा को हैरिटेज सिटी बनाये जाने की मुहिम को लेकर प्रत्येक मौहल्लों में जाकर जनचेतना अभियान चलाया जायेगा तथा हैरिटेज प्वाइंट्स विकसित किये जायेंगे तथा रणनीतिबद्व तरीके से महत्वपूर्ण बिंदुओं को सूचीबद्ध कर व्यवस्थित डाक्यूमेंटेशन कर के शासन प्रशासन तक पहुंचाया जायेगा। गोष्ठी की अध्यक्षता विनय किरौला व संचालन पवन मुस्यूनी द्वारा किया गया।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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