HomeBreaking Newsवासवी तोमर की मौत बनी मिस्ट्री, कब उठेगा पर्दा#JusticeForVasavi वायरल

वासवी तोमर की मौत बनी मिस्ट्री, कब उठेगा पर्दा#JusticeForVasavi वायरल

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ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला

नैनीताल की ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में बेटी (वासवी तोमर) की रैगिंग कर हत्या की गई है, लेकिन आत्महत्या बताई जा रही है। हमारी बेटी आत्महत्या कर नहीं सकती। अगर सुसाइड किया भी तो जिस रस्सी के सहारे लटकी वह कहां है? गैलरी का CCTV कैमरा क्यों गायब हो गया? यूनिवर्सिटी ने उन्हें वार्डन से मिलने क्यों नहीं दिया? बेटी की रूममेट और रैगिंग करने वाली लड़की को लापता कर दिया गया।

— यह आरोप हैं मृतका के लाचार पिता व भाई के जिन्हें आज की तारीख तक न्याय नहीं मिल पाया है।

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लखनऊ। उल्लेखनीय है कि नैनीताल की ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही वासवी तोमर की मौत के बाद उसके परिवार ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। वासवी के पिता और भाई ने उत्तराखंड पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।

 Seeking Justice for Vasavi Singh 

पिता के आरोपों के केंद्र में ये बातें:

हत्या का शक: पिता रामकृष्ण तोमर का कहना है कि बेटी के गले पर दुपट्टे से नहीं, बल्कि किसी पतली रस्सी से गला घोंटने जैसा निशान था।

यूनिवर्सिटी प्रशासन पर सहयोग न करने का आरोप: परिजनों के अनुसार, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया और कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

सबूत मिटाने की कोशिश: जिस हॉस्टल के कमरे में वासवी की लाश मिली, उसे सील नहीं किया गया। कमरे का दरवाजा रात में ही ठीक करवा दिया गया और गैलरी में लगा सीसीटीवी कैमरा भी हटा दिया गया।

रूममेट लापता: वासवी की रूममेट और रैगिंग करने वाली छात्रा को भी जानबूझकर गायब कर दिया गया।

पुलिस पर भी सवाल: परिवार का आरोप है कि पुलिस ने बिना उनके पहुंचे ही शव को उतारा और अस्पताल पहुंचा दिया। पुलिस ने भी उनके सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

भाई के सवाल:

दरवाजा कैसे खुला? वासवी के भाई आयुष ने सवाल किया कि अगर वासवी ने अंदर से दरवाजा बंद किया था, तो वह बाहर से कैसे खुला और दरवाजा टूटने के सबूत क्यों मिटा दिए गए?

सीसीटीवी क्यों हटाए गए? आयुष का कहना है कि जब उन्होंने सीसीटीवी फुटेज दिखाने को कहा, तो बताया गया कि कैमरे बाथरूम के सामने थे, इसलिए हटा लिए गए, जबकि ऐसा लग रहा था कि उन्हें जल्दबाज़ी में उखाड़ा गया है।

पुलिस का बर्ताव: आयुष के मुताबिक, पुलिस ने रात में कोई पूछताछ नहीं की और पोस्टमॉर्टम में भी देरी की गई।

परिवार का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि एक सोची-समझी साज़िश के तहत की गई हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इंसाफ की गुहार लगाई है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी से मदद की गुहार

वासवी उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले के भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में बीसीए सेकेंड ईयर की छात्रा थी। 30 जुलाई की शाम कॉलेज प्रशासन ने परिवार को सूचना दी कि उसने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। फिलहाल पीड़ित परिवार ने सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार ने मुख्यमंत्री योगी से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है।

मृतका के भाई आयुष सिंह तोमर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन घटना को छिपाने की कोशिश कर रहा है। आयुष ने बताया कि 30 जुलाई को कॉलेज से उनके पिता को फोन आया था कि उन्हें तुरंत डायरेक्टर से मिलने आना होगा, लेकिन तब घटना के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। बाद में मौके पर पहुंचने पर परिवार को वासवी की मौत की सूचना दी गई। परिजनों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने बताया कि वासवी ने दुपट्टे से फांसी लगाई, जबकि उसके गले पर पतली रस्सी का निशान था।

वासवी तोमर को इंसाफ दिलाने सड़कों पर उतरे लोग

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SOURCE: YOUTUBE SHORTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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