बारिश–बर्फबारी से बदला मौसम का मिजाज
Weather Update : लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तराखंड में कुदरत मेहरबान हुई है। वसंत पंचमी के साथ ही प्रदेश के मौसम ने करवट ली और पहाड़ों ने एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। राजधानी देहरादून सहित मैदानी इलाकों में सुबह से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने ठिठुरन बढ़ा दी है। सर्द हवाओं और बरसते मेघों के बीच पूरा पहाड़ शीतल, शांत और मनोहारी नजारों से भर उठा है।

मसूरी, धनौल्टी, चकराता में सीजन की पहली बर्फबारी
पहाड़ों की रानी मसूरी के लालटिब्बा क्षेत्र में हल्की बर्फबारी शुरू होते ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे। वहीं धनौल्टी में बसंत पंचमी के दिन सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में नई उम्मीद जगी है। चकराता क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों—लोखंडी, देवबन, खड़म्बा, आसमाड़, मशक, कोटी कंसार और मुंडोई—में बर्फ की फुहारें गिरते ही पहाड़ियां चांदी सी चमक उठीं। लोखंडी में बर्फबारी का सैलानी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं और होटल पूरी तरह भर चुके हैं।
चारधाम और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की फुहारें
उत्तरकाशी जनपद में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के साथ हर्षिल और खरसाली क्षेत्र में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ गिरने से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इससे एक ओर जहां ठंड बढ़ी है, वहीं जलस्रोतों के रिचार्ज होने और सेब बागवानी सहित खेती-किसानी को लाभ मिलने की उम्मीद भी जगी है।

अन्य पर्वतीय जनपदों का हाल
- देहरादून : शहर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश, सर्द हवाओं से ठंड में इजाफा।
- टिहरी (नई टिहरी) : हल्की बूंदाबांदी, आसमान में बादल छाए।
- रुद्रप्रयाग : मौसम में अचानक बदलाव, बादल और ठंड बढ़ी; 2300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना।
- पौड़ी, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ : ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की सूचना।
- नैनीताल और आसपास : बादल छाए रहने के साथ ठंड बढ़ी, ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग सहित कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि, बिजली चमकने और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 28 जनवरी तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने के आसार जताए गए हैं।
कुल मिलाकर, बारिश और बर्फबारी ने जहां पहाड़ों की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं, वहीं लंबे समय से मौसम की बेरुखी झेल रहे किसानों, पर्यटन और होटल कारोबारियों के लिए यह दौर राहत और उम्मीद लेकर आया है। पहाड़ फिर से सफेद हो चले हैं—और उत्तराखंड की वादियां सर्दी के इस जादू में डूबी हुई हैं।

