शाम ढलते ही बढ़ रही सक्रियता
सीएनई रिपोर्टर, कपकोट। सोराग गांव (कपकोट) के ग्रामीण इन दिनों भालू के आतंक से जूझ रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों ने पूरे गांव में दहशत फैला दी है। वहीं, गांव में बिजली न होने के कारण शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है, जिसका फायदा उठाकर भालू सक्रिय हो जाता है।
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स्थानीय निवासी आयुष देव का कहना है कि रात होते ही लोग पांच बजे से पहले ही घरों में कैद हो जाते हैं, क्योंकि अंधेरे में बाहर निकलना बेहद खतरनाक हो गया है। इसी बीच, भालू ने अब तक कई मवेशियों को मार डाला है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। सरपंच मोहन सिंह का बैल, दान सिंह का बछड़ा व एक भैंस। इन सभी को भालू ने अपना शिकार बना लिया।
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इसके अलावा, भालू ने राजमा के खेत भी रौंद डाले हैं और एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों की मधुमक्खी के बक्सों को भी तोड़ दिया है, जिससे शहद उत्पादन पर भी संकट मंडराने लगा है।
विधायक ने सुरक्षा के निर्देश दिए
इधर, विधायक सुरेश गढ़िया ने कहा कि वन विभाग को गश्त करने तथा ग्रामीणों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि गांव के किसान राजमा, शहद, घी आदि बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। हालांकि, जंगली जानवरों के लगातार हमलों से उनकी आय पर गहरा असर पड़ रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो गांव की कृषि अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
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