उग्र आंदोलन की चेतावनी
CNE REPORTER, बागेश्वर। जनपद के छतीना गांव के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। वर्ष 2019 में स्वीकृत हुई सड़क का निर्माण 5 साल बाद भी शुरू न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला पंचायत सदस्य गोपा धपोला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर एक माह के भीतर कार्य शुरू करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बागेश्वर से छतीना तक प्रस्तावित 4 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग को शासन द्वारा वर्ष 2019 में ही स्वीकृति दे दी गई थी। विडंबना यह है कि आधा दशक बीत जाने के बाद भी धरातल पर एक ईंट तक नहीं रखी गई है। सड़क निर्माण में हो रही इस देरी से लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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सड़क के अभाव में ‘डोली’ के भरोसे ग्रामीण
सड़क न होने का सबसे खौफनाक पहलू स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि:
- स्वास्थ्य का संकट: बीमारों और गर्भवती महिलाओं को आज भी मुख्य मार्ग तक डोली में लादकर ले जाना पड़ता है।
- शिक्षा पर असर: स्कूली बच्चों को घने जंगलों के रास्ते पैदल जाना पड़ता है, जहां हर वक्त जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है।
- बुजुर्गों की परेशानी: गांव के बुजुर्गों और महिलाओं को दैनिक जरूरतों के लिए कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।
“यदि एक माह के भीतर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देशित कर निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।” – ग्रामीणों का सामूहिक स्वर
प्रदर्शन में ये रहे मुख्य रूप से शामिल
जिलाधिकारी कार्यालय में हुए इस प्रदर्शन के दौरान तारा देवी, इंद्रा देवी, शंकर सिंह, केशर सिंह, कमला देवी, गोबिंदी देवी और पार्वती देवी सहित भारी संख्या में छतीना के ग्रामीण उपस्थित रहे।

