सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी
79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, उत्तराखंड सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) राज्य के सभी 13 जनपदों में रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा के लिए 13 विशेष केंद्र स्थापित करेगा। यह घोषणा राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद की गई है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना संभव होगा।
क्यों अहम है यह फैसला?
मुख्यमंत्री की इस घोषणा से उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और पूरी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहल विशेष रूप से दूरस्थ इलाकों में रहने वाली महिलाओं और बालिकाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी, जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए शहरों में जाने में कठिनाई होती है।
इन केंद्रों के माध्यम से ऐसे युवा भी अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे, जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपने बच्चों को बाहर भेजकर पढ़ा नहीं सकते।
नए पाठ्यक्रम और भविष्य की योजनाएं
प्रो. लोहनी ने बताया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य पर्यटन, डिजिटल मार्केटिंग, हिमालयी अध्ययन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आपदा प्रबंधन, हस्तकला और विरासत संरक्षण जैसे नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम विकसित करना है। इन पाठ्यक्रमों के जरिए युवाओं को आज की मांग के अनुसार कौशल दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि उच्च शिक्षा को भारतीय सेना से जोड़ने के लिए इसी महीने बंगाल इंजीनियर्स रेजिमेंट के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य हर वर्ग तक उच्च शिक्षा पहुंचाना है।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने इस नई जिम्मेदारी पर खुशी जाहिर करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

