HomeUttarakhandAlmoraAlmora के टॉप 7 पर्यटक आकर्षण, घूमने लायक सबसे शानदार जगहें

Almora के टॉप 7 पर्यटक आकर्षण, घूमने लायक सबसे शानदार जगहें

Almora Travel Guide : नैसर्गिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर से परिपूर्ण, अल्मोड़ा उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित एक ऐसा मनमोहक पर्वतीय नगर है, जिसे देखने वाला हर पर्यटक इसकी शांत आभा और हिमालय के विहंगम दृश्यों से मंत्रमुग्ध हो जाता है।

घोड़े की नाल (Horse-shoe) के आकार की पहाड़ी पर बसा यह शहर, अपनी अनूठी वास्तुकला, प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक महत्व के साथ, सदियों से पर्यटकों, कलाकारों और संतों को आकर्षित करता रहा है।

अल्मोड़ा की खूबसूरती का प्रमुख आकर्षण यहां का सौम्य मौसम और देवदार व चीड़ के घने जंगलों से घिरी इसकी हरी-भरी वादियाँ हैं, जो इसे एक आदर्श पर्यटन स्थल बनाती हैं। चाहे वह कसौनी का सूर्योदय हो या जागेश्वर के मंदिर समूह की दिव्यता, अल्मोड़ा अपने भीतर एक संपूर्ण पर्वतीय अनुभव समेटे हुए है, जो इसे सिर्फ एक गंतव्य नहीं, बल्कि शांति और प्रेरणा की तलाश करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना देता है।

🚉 काठगोदाम से Almora तक यात्रा

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित अल्मोड़ा समुद्र तल से लगभग 1,638 मीटर की ऊँचाई पर बसा है। निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम (जिला नैनीताल) है, जो अल्मोड़ा से लगभग 82 किलोमीटर दूर है।

काठगोदाम स्टेशन से अल्मोड़ा तक पहुँचने के प्रमुख साधन —

  • सरकारी एवं निजी बसें: सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक नियमित रूप से चलती हैं।
  • शेयर्ड टैक्सी / जीप सेवा: हल्द्वानी या काठगोदाम टैक्सी स्टैंड से उपलब्ध; लगभग 3–4 घंटे लगते हैं।
  • निजी वाहन / कैब: अधिक आरामदायक विकल्प; रास्ता हरा-भरा व घुमावदार पहाड़ी मार्ग से होकर गुजरता है।

Almora पहुँचने के बाद शहर का मुख्य बस अड्डा सभी स्थानीय पर्यटक स्थलों तक जाने का केंद्र है।

1. ब्राइट एंड कॉर्नर (Bright End Corner)

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स्थान व दूरी
यह स्थल अल्मोड़ा शहर के लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
काठगोदाम रेलवे स्टेशन से अल्मोड़ा तक की दूरी लगभग 82 किमी है। इसलिए यहाँ पहुँचने का आरंभ अल्मोड़ा से होगा।

  • इतिहास व विशेषता
    ब्राइट एंड कॉर्नर को हल्के-लहजे में “माँके सुंदर सूर्योदय-सूर्यास्त बिंदु” कहा जाता है। यह अल्मोड़ा की उस रिज की (ridge) जगह पर है जहाँ से हिमालय के बर्फीले शिखर दिखाई देते हैं।
    यहाँ एक स्मारक लाइब्रेरी है — विवेकानंद लाइब्रेरी — और कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद ने यहाँ कुछ समय विश्राम किया था।
  • कैसे पहुँचें
    अल्मोड़ा बस अड्डे/शहर केंद्र से टैक्सी या स्थानीय बस द्वारा लगभग 5–10 मिनट में पहुँचा जा सकता है क्योंकि यह बहुत निकट है।
    सुबह जल्दी पहुँचने पर सूर्योदय बेहद खूबसूरत दिखता है — सुझाव है कि 30 मिनट पहले पहुँचें।
  • टिप्स
    सुबह या शाम में जाएँ जब धुंध कम होती है और हिमालय श्रेष्ठ दिखते हैं। छोटा जैकेट साथ रखें क्योंकि हवा ठंडी पड़ सकती है।

2. कसार देवी मंदिर (Kasar Devi Temple)

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  • दूरी: Almora से लगभग 8 किमी
  • इतिहास व विशेषता
    यह मंदिर 2वीं शताब्दी ई॰ पू॰ का माना जाता है।यहाँ के हवे (हवेलबाग घाटी) के ऊपर यह स्थान हिमालय के सुंदर दृश्य देता है। इसके साथ-साथ 1960-70 के दशक में यह “हिप्पी हिल” के नाम से भी जाना गया था क्योंकि पश्चिमी यात्री यहाँ ध्यान-मंडल के लिए आते थे। Wikipedia+1
  • कैसे पहुँचें
    अल्मोड़ा से टैक्सी या स्थानीय बस द्वारा कसार देवी गाँव तक जाना होगा। सामान्य तौर पर अल्मोड़ा बस अड्डे से निजी टैक्सी लेना सुविधाजनक रहेगा।
    रास्ते में जंगल और पहाड़ी गलियाँ होंगी, इसलिए दिन में निकलना बेहतर।
  • टिप्स
    अगर संभव हो तो सूर्योदय-सुबह की सैर करें। गाँव का ऑरिजनल वातावरण अनुभव करें — कुछ लॉज/हॉमस्टे भी यहाँ उपलब्ध हैं।

3. जागेश्वर धाम (Jageshwar Dham)

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  • स्थान व दूरी
    यह अल्मोड़ा से लगभग 35–36 किमी दूर है।
  • इतिहास व विशेषता
    जगेश्वर धाम एक मंदिर-समुह है, जिसमें लगभग 100 से अधिक प्राचीन शिव-मंदिर शामिल हैं। ये मंदिर 8वीं-13वीं शताब्दी के बीच निर्मित किए गए हैं और चारों ओर देवदार व ओक के जंगल हैं।
    हिन्दू परम्परा में यह तीर्थ स्थल माना जाता है। Wikipedia
  • कैसे पहुँचें
    Almora से टैक्सी द्वारा लगभग 1 घंटे में पहुँच सकते हैं। सुबह जल्दी निकलना बेहतर रहेगा।
  • टिप्स
    मंदिर परिसर में आराम से घूमें, आसपास के पेड़-पौधे और जंगल देखें। कैमरा साथ रखें — प्राकृतिक छटा अद्भुत है।

4. बिनसर वन्य जीव अभयारण्य (Binsar Wildlife Sanctuary)

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बिनसर वन्य जीव अभयारण्य

  • स्थान व दूरी
    अल्मोड़ा टाउन से लगभग 30-33 किमी की दूरी पर। काठगोदाम से पहुँचने वाला मार्ग अल्मोड़ा होते हुए यहां तक होगा।
  • इतिहास व विशेषता
    यह अभयारण्य 1988 में स्थापित हुआ था — मुख्यतः ओक जंगलों और कई पक्षी-प्रजातियों के संरक्षण के लिए। Wikipedia+1 यहाँ 200 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
    साथ ही, यह पुराने समय में चन्द राजाओं और ब्रिटिश काल में ग्रीष्मकालीन राजधानी रहा है।
  • कैसे पहुँचें
    अल्मोड़ा से टैक्सी लेना सबसे सुगम है। रास्ता सुन्दर लेकिन मोड़ों से भरा होगा — सावधानी रखें।
  • टिप्स
    पक्षी-प्रेमियों के लिए बहुत अच्छा स्थान है। सुबह-सुबह निकलना बेहतर क्योंकि wildlife सक्रिय रहती है। लंबी पैदल सैर के लिए हल्के जूते और पानी साथ रखें।

5.चितई (Chitai) / गोलू देवता मंदिर

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  • स्थान व दूरी
    यह Almora के आसपास प्रमुख धार्मिक स्थल है (सटीक दूरी प्रत्येक स्रोत में नहीं मिल पाई है)।
  • इतिहास व विशेषता
    यहाँ के मंदिर में अनेक प्रकार की कांस्य-घंटियाँ (ब्रास बेल्स) दी गई हैं जो श्रद्धालुओं द्वारा अर्जी लगाते समय चढ़ाई जाती हैं। यह दृश्य बहुत विशिष्ट है।
  • कैसे पहुँचें
    अल्मोड़ा से दिन के दौरान टैक्सी या स्थानीय वाहन द्वारा जाना बेहतर है। शाम के बाद रास्ते कठिन हो सकते हैं।
  • टिप्स
    मंदिर में अपनी मनोकामना के अनुरूप एक छोटी घंटी चढ़ाना एक-अनुभवनीय अनुभव होता है।

6. कटारमल सूर्य मंदिर (Kataramal Sun Temple)

Image of कटारमल सूर्य मंदिर

दूरी: अल्मोड़ा से लगभग 17 किमी (उत्तर-पश्चिम दिशा में)

इतिहास: यह भव्य मंदिर 9वीं शताब्दी में कत्यूरी वंश के राजा कटारमल द्वारा निर्मित किया गया था। यह मंदिर सूर्य देवता को समर्पित है और उत्तर भारत के सबसे प्राचीन सूर्य मंदिरों में से एक माना जाता है।
विशेषता: मंदिर परिसर में लगभग 44 छोटे मंदिर हैं, जिनकी वास्तुकला कत्यूरी शैली में है। गर्भगृह में सूर्य की मूर्ति कभी कांचीपुरम (तमिलनाडु) से लायी गई थी।
मंदिर को अक्सर “कुमाऊँ का कोणार्क” कहा जाता है।
कैसे पहुँचें: Almora से टैक्सी या जीप द्वारा लगभग 40 मिनट में पहुँचा जा सकता है। अंतिम लगभग आधा किलोमीटर का रास्ता पैदल चढ़ाई वाला है।
टिप: दोपहर से पहले का समय सबसे सुंदर होता है, जब सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह में प्रवेश करती हैं।

🌿 7. मार्टोला/मार्तोला गाँव (Martola)

दूरी: अल्मोड़ा से लगभग 10 किमी

विशेषता: यह शांत, हरा-भरा गाँव फोटोग्राफी, प्रकृति अवलोकन और पिकनिक के लिए आदर्श है।
कैसे पहुँचें: टैक्सी या स्थानीय जीप से लगभग 25 मिनट।
टिप: साफ मौसम में यहाँ से हिमालयी चोटियों का विहंगम दृश्य मिलता है।

निष्कर्ष :

Almora केवल एक पहाड़ी नगर नहीं, बल्कि कला, संस्कृति, अध्यात्म और प्रकृति का सुंदर संगम है।
काठगोदाम से इसकी यात्रा हर मोड़ पर एक नया अनुभव देती है — कहीं घंटियों की गूँज, कहीं देवदार की छाँव, तो कहीं हिमालय की झलक।

यदि आप उत्तराखंड की आत्मा को महसूस करना चाहते हैं, तो अल्मोड़ा और इसके ये सात स्थल आपकी यात्रा को अविस्मरणीय बना देंगे।

अतिरिक्त जानकारी

  • रेलवे से पहुँच: काठगोदाम रेलवे स्टेशन (Kathgodam) प्रमुख रेल हेड है। इसके बाद से अल्मोड़ा तक टैक्सी या सरकारी बस उपलब्ध है।
  • सुझाव: यदि आप बस अड्डे से यात्रा कर रहे हैं तो सुबह जल्दी निकलना बेहतर रहेगा, ताकि रास्ते में ट्रैफिक या धुंध की समस्या कम हो।
  • कब जाएँ: मार्च–जून तथा सितंबर–नवंबर मौसम बेहतर माना जाता है क्योंकि हिमालय की झलक अच्छी मिलती है और मौसम सुहावना रहता है।
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Deepak Manral
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DEEPAK MANRAL E-Mail : [email protected] >> Successful experience of journalism in the field of Daily Hindi News papers & Magazines. (Amar Ujala, Uttaranchal Deep, Pradhan Times Daily, Katyuri Mansarovar, Dharmyudh etc.) >> Career Objective : To broaden my vision by continuous learning & taking up challenging assignments. >> Summary : A total experience of nearly 6 years in the field of desk top publication, Edition & News Reporting Major part had been working with “Amar Ujala” as a News Reporter and later Bureo Chief Bageswar. I have been exposed to both criminal & political Reporting. >> Work Experience : Organization : Ms Amar Ujala publication ltd. Worked as a News Reporter with this reputed Hindi Newspaper wherein exposed to both criminal & Political reporting while being attached to their various offices at Haldwani, Almora, Ranikhet & Bageshwar Duration : 6 Years (Jan 2001 to May 2006) Organization : M/s Katyuri Prakashan (A family owned publication house taking out Quarterly magazines namely ‘Katyuri Mansarovar’ & ‘Dharmyudh’. >> Key Performance Areas Editing of the articles being received from various sources. Handling all related correspondences. Freelance writing in various News Papers : 3 Years (2009 to 2011) Ms Uttaranchal Deep Hindi Daily >> Duration : 7 Years (2012 to 2018) >> Key performance Areas Covered criminal reporting while based at Haldwani. Covered political reporting while based at Almora Office. Was responsible for mainly editing job while based at Ranikhet & Subsequently at Bagheswar office. >> Academic Qualification : M.A. (Hindi) from Kumaun University in 1999. 6 Monts computer Course from JCTI, New Delhi. B.A. From Delhi University in 1996 12th from CBSE, Delhi in 1993 >> Technical Expertise : Proficiency in DTP. Proficient in Page Maker & Coral Draw. Good Knowledge of English & Hindi typesetting. Hardcore Knowledge of composing & editing. >> Personal Profile : Date of Birth : 13th Nov, 1974 Father’s Name : Late Mr. Balwant Manral >> Communication Address : Manral Sadan, Narsing Bari, Almora (Uttarakhand) 263601
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