विधायक सुरेश गड़िया का घेराव, मिला आश्वासन
CNE REPORTER, कपकोट (बागेश्वर): उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क की समस्या आज भी ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है। ताज़ा मामला कपकोट का है, जहाँ छूरी लखमारा के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया के कैंप कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
सर्वे के बावजूद अधर में लटका निर्माण
ग्राम प्रधान करम सिंह मेहता के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण बुधवार को विधायक कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि:
- सड़क का सर्वे काफी समय पहले पूरा हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ।
- विभाग और ठेकेदारों की मनमानी के कारण योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है।
- सड़क के अभाव में ग्रामीणों को मीलों पैदल चलना पड़ता है।
20 हजार की आबादी प्रभावित, पलायन का डर
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क न होने से गैरखेत, लखमारा, चलकाना, छुरिया और सेवा गांव के लगभग 20 हजार लोग प्रभावित हैं। सबसे बुरा हाल गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों का है, जिन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए डंडी-कंडी का सहारा लेना पड़ता है। सड़क की इसी बदहाली के कारण गांव से लगातार पलायन हो रहा है और अब गांवों में युवाओं की भारी कमी हो गई है।
इन प्रमुख मार्गों की उठी मांग
प्रदर्शनकारियों ने विधायक के सामने स्पष्ट रूप से इन सड़कों के जल्द निर्माण की मांग रखी:
- गैरखेत से लखमारा मार्ग।
- लखमारा से चलकाना मार्ग।
- चलकाना से छुरिया रोड।
विधायक ने दिया एक महीने का अल्टीमेटम
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए विधायक सुरेश गड़िया ने उन्हें शांत कराया। विधायक ने आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस भरोसे के बाद ही ग्रामीण शांत हुए और अपने घरों को लौटे।
घेराव के दौरान खड़क सिंह गड़िया, पप्पू गड़िया, कुंजर सिंह गड़िया, लछम सिंह कपकोटी, मदन मेहता, गीता गड़िया, शोभा, सीमा देवी और लक्ष्मी देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

