ड्रोन से निगरानी और गश्त तेज
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी/नैनीताल। नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत दीनी तल्ली के ‘धुरा’ तोक में दहशत का पर्याय बना आदमखोर गुलदार (तेंदुआ) सात दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन आदमखोर का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।

आज बृहस्पतिवार, 1 जनवरी को वन विभाग ने प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। नियमित गश्त के साथ-साथ विभाग ने ड्रोन कैमरों की मदद से घने जंगलों की खाक छानी। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर लाउडस्पीकर के माध्यम से निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वन कर्मियों ने ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने और शाम के वक्त घरों में सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है।
26 दिसंबर को हुई थी दर्दनाक घटना
उल्लेखनीय है कि यह हृदयविदारक घटना बीते शुक्रवार, 26 दिसंबर को घटित हुई थी। धुरा निवासी 35 वर्षीय हेमा देवी, पत्नी गोपाल सिंह, अपने मवेशियों के लिए चारा लेने घर के पास के जंगल में गई थीं। वहां झाड़ियों में घात लगाकर बैठे आदमखोर तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया।
महिला की चीख सुनकर उनके देवर और अन्य ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थर फेंककर तेंदुए को डराने की कोशिश की गई, लेकिन वह महिला को नहीं छोड़ते हुए घने जंगल में ओझल हो गया। काफी खोजबीन के बाद हेमा देवी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम छाया हुआ है और आदमखोर को जल्द से जल्द पकड़ने या ढेर करने की मांग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।


