चंदन हॉस्पिटल के खिलाफ फूटा गुस्सा, कुमाऊं में सेवाएं बंद करने की उठी मांग
CNE REPORTER, ALMORA : हल्द्वानी के चंदन हॉस्पिटल में हुई दुखद घटना के विरोध में अल्मोड़ा में आक्रोश फूट पड़ा है। यहाँ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मृतिका सीमा बिरौड़िया को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार से इस अस्पताल और चंदन ग्रुप की सभी लैब को तत्काल बंद करने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी के चंदन हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं की कथित बदहाली और संवेदनहीनता के चलते हुई सीमा विरारियां की मौत ने पूरे कुमाऊं को झकझोर दिया है। इस मामले को लेकर अल्मोड़ा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल अब सेवा के बजाय ‘लाशों पर व्यापार’ करने का जरिया बन गए हैं।
श्रद्धांजलि सभा में सरकार को दी चेतावनी
बैठक के दौरान मृत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित लोगों ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से पुरजोर मांग की है कि हल्द्वानी स्थित चंदन हॉस्पिटल का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही कुमाऊं भर में संचालित चंदन पैथ लैब की श्रृंखला को भी तुरंत बंद किया जाए।
जन आंदोलन की दी चेतावनी
बैठक में यह गंभीर मुद्दा भी उठा कि श्रमिकों की रक्त जांच रिपोर्ट में भी अनियमितताएं हो सकती हैं। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि चंदन ग्रुप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें मिल रही सरकारी सहायता बंद नहीं की गई, तो पूरे कुमाऊं में उग्र जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस विरोध सभा में रमेश बहुगुणा, त्रिलोचन जोशी, मनोज सनवाल, प्रेम लटवाल, जिला पंचायत सदस्य गुड्डू भट्ट, संजय जोशी, पार्षद नरेंद्र बिष्ट, राहुल बिष्ट, दीवान सिंह मेर, गणेश सिंह, जीवन सिंह मेर, मनोहर सिंह, रमेश राम, ललित बोहरा, गोपाल सिंह, राजू वर्मा, प्रमोद सिंह, कमल वर्मा, कृष्ण सिंह बानी, सतीश भट्ट, दिनेश सिंह बिष्ट और पूरन बिष्ट सहित कई लोग शामिल रहे।

