👉 भव्य व आकर्षक शोभायात्रा से गुरुवार को हुआ सात दिनी महोत्सव का आगाज
👉 भव्य मंच पर बहने लगी संस्कृति के विविध रंगों की बयार, कई कलाकार मेहमान पहुंचे
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सांस्कृतिक नगरी के ऐतिहासिक मल्ला महल परिसर आज गुरूवार से सांस्कृतिक रंग के साथ चहल-पहल से सराबोर हो गया है। यहां जय गोलज्यू महोत्सव-2025 का आज आगाज हो गया। जहां महज उत्तराखंडी लोक संस्कृति के साथ ही विभिन्न प्रदेशों की लोक संस्कृति की बयार चल पड़ी है।

सप्ताहभर चलने वाले इस महोत्सव के उपलक्ष्य में आज पूर्वाह्न जीजीआईसी के पास ड्योड़ीपोखर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें विविध संस्कृतियों का समावेश देखने को मिला और आकर्षण का केंद्र रही। यह शोभायात्रा बाजार होते हुए मल्ला महल पहुंची। मल्ला महल में सजे मंच पर दीप प्रज्वलन व शगुन आंखर के साथ जय गोलज्यू महोत्सव का आगाज हुआ। जिसमें विधायक मनोज तिवारी समेत कई अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन किया। घुश्मेश्वर महिला समिति धारानौला अल्मोड़ा की महिला टीम ने शगुन आंखर कार्यक्रम पेश किया। इसके बाद भातखंडे हिंदुस्तानी संगीत महाविद्यालय अल्मोड़ा के कलाकारों ने सुंदर कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी। सांय छह बजे से नटराज डांस एंड जुबा फिटनेस ग्रुप की प्रस्तुति रही। आज रात यहां भीम राम एंड पार्टी की छोलिया नृत्य की प्रस्तुति के साथ डांस आफ इंडिया के तहत जम्मू का डोगरी पंजाब का भांगड़ा व राजस्थान का कालबेलिया डांस होने हैं। इनके बाद कल्याण बोरा व सूरज प्रकाश की स्टार नाइट चलेगी।

महोत्सव की आयोजक संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति नयालखोला अल्मोड़ा है। महोत्सव में 5 नवंबर तक झोड़ा गायन, उत्तराखंड लोकनृत्य व भजन की प्रस्तुतियां होंगी। विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति से ओतप्रोत कार्यक्रम भी महोत्सव में शामिल हैं, जिनमें जम्मू डोगरी, पंजाब का भांगड़ा व राजस्तानी कालबेलिया, गुजरात का सिद्धि धमाल, पंजाब का गिद्दा, राजस्थान का भवई, पश्चिम बंगाल का रायबंशी, हरियाणा का फाग आदि नृत्य खास आकर्षण होंगे। बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें नृत्य व गायन, भजन, फैंसी ड्रेस शो, महिला गायन, झोड़ा नृत्य, एकल नृत्य, पारंपरिक परिधान आदि प्रतियोगिताएं शामिल हैं। अंतिम रोज दोपहर एक बजे से कवि सम्मेलन भी रखा गया है। इनके अलावा हर रोज नामी कलाकारों की स्टार नाइटें होंगी। इस बार महोत्सव परिसर में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए गए हैं।

