प्रवासी हुए अभिभूत, बोले- ‘हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान’
दुबई कौतिक : प्रवासी उत्तराखंडियों ने दुबई की धरती पर अपनी सांस्कृतिक विरासत को दिया नया आयाम; लोक कलाकारों के साथ पलायन पर आधारित नाटक बना आकर्षण का केंद्र।
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर/दुबई। अपनी माटी से प्रेम और संस्कृति से गहरा जुड़ाव हो, तो सात समंदर पार की धरती भी देवभूमि की महक से सराबोर हो जाती है! इसी भावना को संजोते हुए, उत्तराखंड की गौरवशाली संस्कृति और विरासत को बचाए रखने के लिए दुबई में कौतिक 2025 सीजन-1 (Dubai Kauthig) का भव्य आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम प्रवासी उत्तराखंडियों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। आयोजक समिति के सक्रिय सदस्य और गरुड़, लौबाज गांव निवासी बसंत तिवारी ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। यह हमें एकजुट रखती है।”
कार्यक्रम में उत्तराखंड के जाने-माने लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं। इनमें ललित मोहन जोशी, दर्शन फर्स्वाण, दीक्षा ढोडियाल जैसे नाम शामिल थे, जिनकी मधुर आवाज और प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सबसे खास बात यह रही कि प्रवासियों ने स्वयं भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और ‘पलायन’ जैसे गंभीर विषय पर आधारित रोचक नाटक की प्रस्तुति दी, जिसने सभी को भावुक कर दिया।
एकता और सामाजिक सहयोग का उद्देश्य
आयोजन समिति के सदस्यों ने इस ‘दुबई कौतिक‘ के उद्देश्य को स्पष्ट किया:
- अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखना।
- विदेशी धरती पर रह रहे प्रवासियों को एकता के सूत्र में बांधना।
- प्रवासियों के सुख-दुख में सहयोग करना।
- जन्मभूमि उत्तराखंड के लिए रचनात्मक कार्य करना।
समिति ने बताया कि इस पहल के तहत जल्द ही देवभूमि के जरूरतमंद लोगों के लिए गर्म कपड़े, आवश्यक सामग्री और जरूरतमंद बच्चों के लिए शैक्षिक सामग्री का वितरण किया जाएगा।
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में नवीन जोशी, जीवन भट्ट, पुरन नगरकोटी, गोविंद फर्त्याल, कुशाल बिष्ट, शंकर साह, भूपेंद्र होलेरिया, मुकेश थापा, महाराज सिंह, तेजवीर राणा, कमला प्रसाद जैसे सक्रिय सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

