CNE REPORTER, हरिद्वार/रुड़की: डांसर के ठुमकों पर फिदा हुए चैंपियन : उत्तराखंड की राजनीति के सबसे रंगीन और विवादित किरदारों में शुमार पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार मौका किसी सियासी अखाड़े का नहीं, बल्कि एक शादी समारोह का था, जहाँ ‘चैंपियन’ का अंदाज़ देख लोग दंग रह गए।
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Click – Video – ठुमके, मूंछें और नोटों का अंबार
रुड़की के एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित विवाह समारोह में चैंपियन ने धमाकेदार एंट्री मारी। जैसे ही स्टेज पर डांसर ने “मुझको राणा जी माफ करना” और “बॉयज बॉयज ये पागल लड़के” जैसे गानों पर थुमके लगाने शुरू किए, पूर्व विधायक खुद को रोक नहीं पाए।
- मूंछों पर ताव: वीडियो में चैंपियन अपनी सिग्नेचर स्टाइल में मूंछों को ताव देते नजर आ रहे हैं।
- आधे घंटे तक चली ‘बरसात’: बताया जा रहा है कि वह करीब 30 मिनट तक डांसर पर नोट उड़ाते रहे।
- भारी भीड़: उनके इस ‘दबंग’ अंदाज़ को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और कैमरों में यह नज़ारा कैद हो गया।
विवादों के पुराने खिलाड़ी: ‘तमंचे पर डिस्को’ से ‘नोटों की बारिश’ तक
चैंपियन का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। यह पहली बार नहीं है जब उनके किसी वीडियो ने बवाल काटा हो। इससे पहले भी वह ‘तमंचे पर डिस्को’ करते हुए देश भर में वायरल हुए थे।
उनकी विवादित टाइमलाइन पर एक नज़र:
| वर्ष | प्रमुख विवाद |
| 2006 | मगरमच्छ पर गोली चलाने और बस चालक पर फायरिंग का आरोप। |
| 2013 | हरक सिंह रावत की पार्टी में फायरिंग, विवेकानंद खंडूड़ी हुए थे घायल। |
| 2019 | पत्रकार को थप्पड़ मारने का आरोप और ‘देशद्रोही’ बयानों पर पार्टी से निष्कासन। |
| 2021 | पत्रकार को धमकी भरा ऑडियो वायरल। |
| 2025 | विधायक उमेश कुमार के दफ्तर में घुसकर फायरिंग और मारपीट का ताजा आरोप। |
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
शादी समारोह के इस वीडियो ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। जहाँ उनके समर्थक इसे उनकी ‘रॉयल लाइफस्टाइल’ बता रहे हैं, वहीं आलोचक उनके पुराने कारनामों की याद दिलाते हुए सवाल उठा रहे हैं।
“चैंपियन साहब का अंदाज बदला नहीं है। वो जहाँ जाते हैं, चर्चा खुद-ब-खुद उनके पीछे चलने लगती है।” – समारोह में मौजूद एक मेहमान
क्या फिर बढ़ेंगी मुश्किलें?
हरिद्वार के खानपुर से पूर्व विधायक रहे कुंवर प्रणव सिंह अक्सर अपनी हरकतों से अपनी ही पार्टी (बीजेपी) के लिए असहज स्थितियां पैदा करते रहे हैं। अब देखना यह है कि इस ताजा ‘नोट उड़ाओ अभियान’ पर राजनीतिक गलियारों में क्या प्रतिक्रिया होती है।


