CNE DESK/Big revelation in interrogation of terrorist Lazar Masih : बब्बर खालसा इंटरनेशनल ग्रुप के आतंकी लजार मसीह को कौशांबी की जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। मसीह की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने चैन की सांस ली है। इस बीच आतंकी हमले की साजिश पर कई राज खुले हैं। जिसमें पता चला है कि महाकुंभ पर आतंकी हमले की बड़ी साजिश थी। पहले अमृत स्नान (14 फरवरी) से एक दिन पहले लाजर मसीह महाकुंभ एंट्री प्वाइंट से सिर्फ 1 KM दूर था। वह एक मिट्टी के टीले में गुफा बनाकर रह रहा था।

बताना चाहेंगे कि उत्तर प्रदेश एसटीएफ और पंजाब पुलिस को संयुक्त अभियान में बड़ी कामयाबी मिली गुरुवार तड़के मिली थी। यूपी के कौशांबी जिले से बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के एक सक्रिय आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया था। आतंकी के पास से तीन सक्रिय हैंड ग्रेनेड, दो डेटोनेटर, 13 कारतूस और एक विदेशी पिस्तौल समेत अवैध हथियार और संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ (सफेद रंग का पाउडर) बरामद हुआ। इसके अलावा गाजियाबाद के पते वाला आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन (बिना सिम कार्ड) मिला। आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था।

संदिग्ध आतंकी लजार मसीह को 6 मार्च की सुबह करीब 3.20 बजे कौशांबी से गिरफ्तार किया गया था। लजार मसीह पंजाब के अमृतसर के रामदास इलाके के कुर्लियान गांव का बताया जा रहा है। इससे पहले इससे पहले, 3 मार्च को हरियाणा के फरीदाबाद के बांस रोड पाली से अब्दुल रहमान नाम का आतंकी तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अब्दुल रहमान को अयोध्या राम मंदिर पर हमला करने के लिए तैयार किया था। आधिकारिक सूत्र ने बताया कि Terrorist organization ISIS की क्षेत्रीय शाखा इस्लामिक स्टेट -खुरासान प्रांत ने इस हमले की साजिश रची थी।

गिरफ्तारी के बाद खुले यह राज
आतंकी लजार मसीह महाकुंभ के एंट्री-पॉइंट पर गुफा बनाकर रह रहा था वह हर दिन हैंडग्रेनेड लेकर निकलता था, लेकिन योगी सरकार की हाई सिक्योरिटी की वजह से ब्लास्ट नहीं कर सका। अपनी गुप्त गुफा से ही उसने महाकुंभ में ब्लास्ट करने का प्लान बनाया था। ढाबे पर जाकर खाना खाते समय मोबाइल चार्ज करता था। रोज अपने साथ हैंडग्रेनेड लेकर निकलता था। लेकिन, महाकुंभ एंट्री पॉइंट पर हाई सिक्योरिटी होने की वजह से सफल नहीं हो सका। यह बात खुद बब्बर खालसा के आतंकी लाजर मसीह ने मानी है। उसे पुलिस ने कौशांबी के कोखराज से पकड़ा था। उससे पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं।

जानिए क्या था पूरा मामला
6 मार्च, 2025 की सुबह साढ़े 3 बजे पुलिस ने कोखराज से बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और ISI मॉड्यूल का सक्रिय आतंकवादी लाजर मसीह गिरफ्तार किया था। लाजर मसीह अमृतसर के कुरलियान गांव का रहने वाला है। वह BKI के जर्मन-आधारित मॉड्यूल के प्रमुख स्वर्ण सिंह उर्फ जीवन फौजी का राइट हैंड है। लाजर मसीह पाकिस्तान की ISI के संपर्क में भी था।
मिट्टी की मांद में रहा
पुलिस जांच में सामने आया कि आतंकी लाजर मसीह पहले अमृत स्नान से पहले यहां आया था। इसके बाद नेशनल हाईवे-2 (दिल्ली-कानपुर-प्रयागराज-बनारस-हावड़ा सड़क मार्ग) से महज 1KM दूर कोखराज गांव के वीराने में एक मिट्टी की मांद खोद कर उसी के अंदर रह रहा था। यह मांद किसी जंगली जानवर के रहने जितनी तैयार की गई थी। मांद जमीन के टीलेनुमा जमीन के नीचे के हिस्से में आर-पार जाने के लिए तैयार की गई थी। पुलिस को मांद ते अंदर से बिस्तर, 3 ग्रेनेड, 2 डेटोनेटर और पिस्टल मिली है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लाजर मसीह को पेड़ की ऊंची टहनी पर चढ़ कर बैठे भी देखा है।

ढाबे पर रोज खाना खाने जाता था
लाजर मसीह से पूछताछ में सामने आया कि वह रोज दोपहर और रात में ढाबे पर खाना खाने जाता था। पानी भरने के लिए एक ईदगाह के सामने जाता था, जहां नल लगा था। बाहर निकलते वक्त लाजर मसीह हर वक्त मुंह पर पकड़ा बांधे रहता था। कई दुकानों के CCTV में वह दिखा है। टाइम पास करने के लिए मोबाइल में फिल्म भी देखता था। मोबाइल चार्ज करने के लिए वह ढाबे पर जाता था।
चक्रव्यूह सुरक्षा घेरे से आगे कुछ नहीं कर सका आतंकी
आतंकी लाजर मसीह यूपी पुलिस अफसरों की व्यूह रचना के चलते अपने मूवमेंट को आगे नहीं बढ़ा सका। दरअसल, जहां उसने अपना ठिकाना बनाया था, उससे 1 किलोमीटर दूर पुलिस की बंकरनुमा चेकपोस्ट थी। इसके अलावा महाकुंभ एंट्री पॉइंट्स पर वाहनों का होल्डिंग एरिया बनाया गया था। इसके अलावा लगातार पुलिस और प्रशासन के बड़े अफसर रात-दिन सड़क पर डटे रहे।
हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद है लाजर मसीह
आतंकी लाजर मसीह को कौशांबी जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। जेल के सुरक्षाकर्मी उस पर पूरी तरह नजर बनाए हैं। जो उसके पास जाए बिना कड़ी नजर रख रहे हैं। जेल अफसर के मुताबिक, उसे सामान्य कैदियों की तरह भोजन-पानी दिया जा रहा है। उसने जेल में आने के बाद से अब तक किसी से कोई बात नहीं की है। ज्यादातर टाइम खामोश ही रहता है। जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। जेल अधीक्षक अजितेश मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से जेल के बड़े अधिकारी लगातार CCTV के जरिए उसकी हर गतिविधि कर नजर बनाए हैं।

