दुर्दांत अपराधी अब्बू जट ने उतारा मौत के घाट
CNE DESK : अयोध्या राम मंदिर ब्लास्ट साजिश केस से जुड़े कुख्यात आतंकी अब्दुल रहमान की रविवार देर रात हरियाणा की फरीदाबाद स्थित नीमका जेल में हत्या कर दी गई। जेल प्रशासन के अनुसार, हत्या का आरोप उसी बैरक में बंद अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट नाम के दुर्दांत अपराधी पर है, जिसने नुकीली वस्तु से हमला कर अब्दुल को मौत के घाट उतार दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल बैरक को सील कर जांच शुरू की गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। इस वारदात ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कौन था आतंकी अब्दुल रहमान?
20 वर्षीय अब्दुल रहमान को मार्च 2025 में गुजरात ATS और केंद्रीय खुफिया एजेंसी IB की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। वह अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) से जुड़े आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था और अयोध्या में राम मंदिर को विस्फोट से उड़ाने की साजिश रच रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुए थे, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया था।
सोशल मीडिया बना आतंकी बनने का जरिया
अब्दुल रहमान लंबे समय से सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो और भाषण पोस्ट कर रहा था। पहले वह टिकटॉक पर सक्रिय था, लेकिन बैन लगने के बाद उसने इंस्टाग्राम को अपना मंच बना लिया।
इंस्टाग्राम पर उसके वीडियो इतने उग्र और कट्टरपंथी थे कि कई बार उसका अकाउंट ब्लॉक किया गया। इन्हीं वीडियो के जरिए वह आतंकी नेटवर्क के संपर्क में आया और ऑनलाइन ब्रेनवॉश व ट्रेनिंग हासिल की।
फरीदाबाद जेल में कैसे हुआ मर्डर?
जेल सूत्रों के अनुसार, अब्दुल और अरुण दोनों को हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया था। रविवार देर रात किसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और इसी दौरान अरुण चौधरी ने नुकीली वस्तु से हमला कर दिया, जिससे अब्दुल की मौके पर ही मौत हो गई।
फिलहाल जेल प्रशासन पूरे मामले की आंतरिक जांच कर रहा है और सुरक्षा चूक के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

कौन है हत्यारा अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट?
1. अक्षय शर्मा हत्याकांड से आया चर्चा में
अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है। दिसंबर 2023 में हुए सांबा निवासी अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद वह सुर्खियों में आया था। पंजाब में पुलिस मुठभेड़ के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
2. जेल प्रशासन पर रिश्वत के गंभीर आरोप
2024 में अरुण ने इंस्टाग्राम लाइव आकर कठुआ जेल प्रशासन पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। उसने दावा किया था कि फोन और अन्य सुविधाएं देने के बदले उससे दो लाख रुपये मांगे गए।
3. कठुआ जेल से नीमका जेल ट्रांसफर
अक्टूबर 2024 में उसे कठुआ जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था, जहां वह हाई सिक्योरिटी सेल में बंद था।
कैसे पकड़ा गया था आतंकी अब्दुल? जानिए पूरी टाइमलाइन
- 2 मार्च 2025: गुजरात ATS, हरियाणा STF और IB की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तारी
- दो जिंदा हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर बरामद
- सोशल मीडिया के जरिए आतंकी नेटवर्क से संपर्क
- 4 अप्रैल को अयोध्या जाने का निर्देश, लेकिन उससे पहले ही गिरफ्तारी
- आर्म्स एक्ट, विस्फोटक अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज
साधारण परिवार से निकला आतंकी
अब्दुल रहमान उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर क्षेत्र का रहने वाला था। उसका परिवार बेहद गरीब था। पिता चिकन शॉप चलाते थे और खुद अब्दुल ई-रिक्शा चालक था। बावजूद इसके, उसके पास महंगा मोबाइल और अचानक बढ़ी हुई आर्थिक स्थिति ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया था।
इस हाई-प्रोफाइल आतंकी की जेल के भीतर हत्या ने जेल सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और कैदियों के बीच संपर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच का विषय है कि अति सुरक्षित बैरक में नुकीला हथियार कैसे पहुंचा।

