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Almora : सेल्फ फाइनेंस के विरोध में उतरे छात्र, कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

छात्र नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एसएसजे विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के कुलसचिव को बीएससी में सेल्फ फाइनेंस का पाठ्यक्रम सम्मलित नहीं किये जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गय है कि इस वर्ष बीएससी प्रथम सेमेस्टर में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम को शुरू किया जा रहा है। जो कि विश्वविद्यालय में सिर्फ और सिर्फ विद्यार्थियों से पैसा लूटने का माध्यम है। यही कारण है कि विगत वर्ष बीएससी में सेल्फ फाइनेंस को ख़त्म कर दिया गया था, परंतु इस वर्ष एक बार पुनः बीएससी में सेल्फ फाइनेंस को लागू करके प्रशासन द्वारा शिक्षा का व्यवसायीकरण करने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बीएससी सेल्फ़ फाइनेंस को गत वर्ष कुमाऊं विश्वविद्यालय की विद्या परिषद एवं कार्य परिषद के निर्माण के आधार पर कुलपति के आदेशों के पश्चात बन्द किया गया था। जो पाठ्यक्रम नियमित मोड में परिसर में पूर्व से संचालित हो रहे हैं, उन्ही पाठ्यक्रमों को साथ-साथ स्ववित्त पोषित मोड में चलाया जाना उत्तराखंड शासन के शासनादेशों के भी अनुरूप नहीं है। पर्वतीय क्षेत्रों के गरीब विद्यार्थियों को सस्ती एवं अच्छी शिक्षा प्रदान कराने के उद्देश्य से बने विश्वविद्यालय में सेल्फ़ फाइनेंस के नाम पर विद्यार्थियों को लूटने के बजाय सरकार से अधिक संसाधनों की मांग कर नियमित पाठ्यक्रम में सीटें बढ़ाई जानी चाहिए।

वर्ष 2020 में नियमित पाठ्यक्रम में बीएससी PCM में 156 एवं ZBC में 237 प्रवेश किये गये थे, जबकि इस वर्ष PCM में कुल 100 एवं ZBC में 132 छात्रों को ही नियमित पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया गया है जो कि परिसर प्रशासन का सेल्फ़ फाइनेंस खोलने हेतु एक षड्यंत्र प्रतीत होता है। वर्ष 2019 एवं उससे पूर्व के वर्षों में भी PCM में 120 से अधिक विद्यार्थियों को एवं ZBC में 160 से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता रहा है, किन्तु इस वर्ष एक सोची समझी रणनीति के तहत सीटें न्यूनतम रखी गई हैं, ताकि प्रवेश न मिलने से परेशान छात्रों को सेल्फ़ फाइनेंस में प्रवेश लेने हेतु मजबूर होना पड़े।
छात्रों ने कहा कि गत वर्षों में परिसर में संचालित बीएससी सेल्फ़ फाइनेंस पाठ्यक्रम के संचालन में छात्रों द्वारा अनेक धांधलियों की शिकायतें की गयी थी और उसकी जांच के आदेश भी हुए थे, किन्तु आज तक जांच का कोई परिणाम सामने नहीं आया। परिसर में बीएससी सेल्फ़ फाइनेंस की पूर्व की लगभग 60 लाख रूपये की धनराशि परिसर के पास बची हुई है, जिसे आवश्यकतानुसार छात्र हित में लगा कर नियमित पाठ्यक्रम में सीटें बढ़ाई जानी चाहिए एवं उच्च शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगानी चाहिए।

उन्होंने कुलसचिव से आग्रह किया कि बताये गये तमाम बिंदुओं में ध्यान केंद्रित करते हुए सेल्फ फाइनेंस को शीघ्र बन्द करते हुए सामान्य सीटों को बढ़ाकर प्रवेश शुरू किए जायें। ज्ञापन देने वालों में पूर्व छात्रसंघ महासचिव आशीष पंत, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष सोहित भट्ट, पूर्व छात्रसंघ महासचिव नवीन कनवाल, राहुल जोशी, पूर्व कोषाध्यक्ष छात्रसंघ अभिषेक बनौला, पंकज कनवाल, दिव्या जोशी, सौरभ पांडे, नितिन रावत, विशाल शाह, अमित बिष्ट आदि शामिल रहे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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