HomeUttarakhandAlmoraAlmora News : सस्ता गल्ला विक्रेताओं की समस्याओं का करें समाधान, नही...

Almora News : सस्ता गल्ला विक्रेताओं की समस्याओं का करें समाधान, नही तो आंदोलन ! संघ ने पांच सूत्रीय मांग को लेकर भेजा ज्ञापन

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता संघ अल्मोड़ा ने जिलाधिकारी के माध्यम से आयुक्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग उत्तराखण्ड को भेजे पांच सूत्रीय ज्ञापन में अवशेष बिलों का भुगतान सहित तमाम समस्याओं के निस्तारण की मांग की है। साथ ही ऐसा नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता संघ द्वारा अपनी समस्याओं एवं मांगों से शासन को लगातार अवगत कराया जा रहा है, लेकिन शासन द्वारा विक्रेताओं की समस्याओं एवं माँगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। जिससे गल्ला विक्रेताओं में रोष व्याप्त है। ज्ञापन में कहा गया है कि विक्रेताओं द्वारा प्रधानमन्त्री गरीब कल्याण योजना के अर्न्तगत आठ माह का खाद्यान वितरित किया जा चुका है परन्तु मात्र कुछ विक्रेताओं को तीन माह के वितरण किये गये खाद्यान्न का भुगतान किया गया है शेष आठ माह का बिलों का भगुतान शेष है। भुगतान न होने से विक्रेताओं की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है। विक्रेताओं के बाल पोषाहार के बिलों का भुगतान भी विगत कई वर्षों का अवशेष है। विगत कई वर्षों से जिला प्रशासन द्वारा विक्रेताओं का राजकीय खाद्यान गोदाम से दुकान तक के किराये-भाड़े में कोई वृद्धि नहीं की गयी है, जबकि शासनादेश के अनुरूप प्रतिवर्ष विक्रेताओं के किराये भाड़े में वृद्धि की जानी आवश्यक है। अतएव विक्रेताओं को वर्तमान दरों पर दुकान तक का भाड़ा स्वीकृत किया जाय अथवा खाद्यान दुकान तक खाद्यान पहुंचाने की व्यवस्था शासन सुनिश्चित की जाये। पर्वतीय क्षेत्रों में विषम भौगोलिक परिस्थिति के कारण नेट कनेक्टिवीटी की गंभीर समस्या है तथा शासन द्वारा नेट का खर्च भी स्वीकृत नहीं किया गया है। इसलिए नेट कनेक्टिवीटी का समस्या का शीघ्र समाधान करें तथा प्रतिमाह नेट खर्च के लिये प्रतिमाह विक्रेता को एक हजार रुपये स्वीकृत किये जायें। तभी आन-लाइन-ट्राजेक्शन सभव होगा। वर्तमान में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली दालों एवं एसएफवाई में दिये जाने वाले खाद्यान में विक्रेताओं का कमीशन मात्र 0.18 नये (अठारह नये पैसे) प्रति कुन्तल है जो बहुत ही न्यून है। इतने कमीशन में खाद्यान व दालों का वितरण संभव नहीं है। एसएफवाई में खाद्यान में पीएचएच के अनुरूप तथा दालों में कम से कम 20 प्रतिशत कमीशन किया जाये। अन्यथा दालों का वितरण संभव नही हो पायेगा। उन्होंने कहा कि यदि विक्रेताओं के बिलों का भुगतान तुरन्त नही किया जाता है तथा अन्य समस्याओं का समाधान नही किया जाता है तो आंदोन को बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि उपाध्यक्ष विधान सभा उत्तराखण्ड रघुनाथ सिंह चौहान को भी भेजी गई है। ज्ञापन भेजने वालों में जिला महामंत्री मनोज वर्मा, जिलाध्यक्ष दिनेश गोयल, जिला कोषाध्यक्ष अभय साह आदि शामिल रहे।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments