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शर्मनाक! इजराइली पर्यटक पूरे अल्मोड़ा बाजार में ढूंढती रही ‘वॉशरूम’

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वीडियो में लगाई महिला शौचालय बनाने की गुहार

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के लिए इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि जिस शहर की सुंदरता का बखान सात समंदर पार तक है, वहां की मुख्य बाजार में महिलाओं के लिए एक अदद ‘वॉशरूम’ तक नसीब नहीं है। शनिवार को यह कड़वी हकीकत उस वक्त उजागर हुई जब इजराइल से आई एक महिला पर्यटक, सेनी, जौहरी बाजार की गलियों में परेशान हाल घूमती नजर आईं।

इजराइली पर्यटक का वीडियो संदेश: “सब कुछ बदला, पर हालात नहीं”

इजराइल से पहुंचीं सेनी ने एक वीडियो संदेश के जरिए अपनी पीड़ा साझा की है। उन्होंने बताया कि वह दूसरी बार अल्मोड़ा आई हैं। उन्हें उम्मीद थी कि इतने सालों में कुछ तो बदला होगा, लेकिन स्थिति ढाक के तीन पात वाली है। सेनी ने कहा:

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“मुझे अल्मोड़ा की बाजार में घूमना और यहां का खाना बेहद पसंद है। यहां बेहतरीन रेस्टोरेंट हैं, लेकिन ताज्जुब की बात है कि कहीं भी एक महिला शौचालय नहीं है। मैं पूरे बाजार में वॉशरूम तलाशती रही, लेकिन कुछ नहीं मिला।”

मिडलैंड से थाना बाजार तक सन्नाटा

स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह समस्या किसी ‘सजा’ से कम नहीं है। अल्मोड़ा के मिलन चौक से लेकर थाना बाजार तक के मुख्य व्यवसायिक क्षेत्र में एक भी महिला शौचालय नहीं है। यह न केवल स्वच्छता अभियान पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि ‘नारी गरिमा’ और ‘अतिथि देवो भव:’ के नारों को भी खोखला साबित करता है।

स्थानीय महिलाओं और पर्यटकों की मुसीबत

यह समस्या सिर्फ विदेशी सैलानियों तक सीमित नहीं है। दूर-दराज के गांवों से खरीदारी करने आने वाली महिलाओं और स्थानीय नागरिकों को भी भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ती है। बाजार में उम्दा रेस्टोरेंट और दुकानें तो खुल गईं, लेकिन प्रशासन और नगर निकाय एक बुनियादी सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था करने में नाकाम रहे हैं।

निष्कर्ष: सेनी का यह वीडियो संदेश अल्मोड़ा प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। यदि पर्यटन को बढ़ावा देना है, तो केवल रास्तों को सजाना काफी नहीं है, बल्कि बुनियादी सुविधाओं का होना अनिवार्य है। अब देखना यह होगा कि इस विदेशी पर्यटक की गुहार के बाद प्रशासन की नींद टूटती है या नहीं।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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