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खूंखार तेंदुए की तलाश तेज, वन विभाग ने झोंकी पूरी ताकत

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तल्ली दीनी में खौफ का पर्याय बना आदमखोर

  • अनूप सिंह जीना की रिपोर्ट

धारी (नैनीताल)। विकासखंड के तल्ली दीनी गांव में घास काटने गई महिला हेमा देवी को बेरहमी से मौत के घाट उतारने वाले आदमखोर खूंखार तेंदुए की अब खैर नहीं। डीएफओ अकाश गंगवार के सख्त आदेश के बाद वन विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा तलाशी अभियान छेड़ दिया है।

हथियारों से लैस 80 वनकर्मियों की फौज, आसमान से निगरानी करते हाई-टेक ड्रोन और जमीन पर बिछे 50 डिजिटल कैमरों के जाल ने आदमखोर की घेराबंदी कर दी है।


अत्याधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस टीमें

तल्ली दीनी, हरीनगर, पहाड़पानी और भटलिया के जंगलों में इस समय युद्ध स्तर पर कॉम्बिंग चल रही है। वन विभाग ने इस ऑपरेशन को बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम देने के लिए खास रणनीति बनाई है:

  • सशस्त्र टुकड़ियाँ: पूरी टीम को 7 से 8 सदस्यों के छोटे-छोटे ‘स्ट्राइक ग्रुप्स’ में बांटा गया है। ये टीमें घने जंगलों के भीतर जाकर तेंदुए के पदचिन्हों (Pugmarks) को ट्रैक कर रही हैं। सुरक्षा के लिए हर टीम के पास आधुनिक शस्त्र मौजूद हैं।
  • आसमान से नजर: घने वन्य क्षेत्रों और दुर्गम पहाड़ियों, जहां इंसान का पहुंचना मुश्किल है, वहां 3 हाई-रेजुलेशन ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
  • डिजिटल घेराबंदी: अब तक 50 ट्रैक कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से और भी अत्याधुनिक कैमरे मंगवाए जा रहे हैं ताकि तेंदुए की हर हरकत को रिकॉर्ड किया जा सके।

वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली कमान

इस बेहद संवेदनशील मिशन की गंभीरता को देखते हुए उप प्रभागीय वनाधिकारी ममता चंद और वन क्षेत्राधिकारी नथुवाखान विजय भट्ट खुद ग्राउंड जीरो पर डटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक आदमखोर पिंजरे में नहीं कैद होता या उसे बेअसर नहीं कर दिया जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। प्रभावित गांवों में दहशत को देखते हुए ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल दहला देने वाली घटना: जब मौत बनकर झपटा तेंदुआ

घटना की यादें आज भी ग्रामीणों को झकझोर देती हैं। गत शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे, तल्ली दीनी निवासी हेमा देवी (35) रोजमर्रा की तरह घर के पास जंगल में घास लेने गई थीं। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पास की झाड़ियों में मौत घात लगाए बैठी है। अचानक तेंदुए ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।

हेमा के देवर ने अपनी आंखों के सामने इस खौफनाक मंजर को देखा। उन्होंने पत्थरों और शोर से तेंदुए को डराने की जांबाज कोशिश की, लेकिन आदमखोर का जुनून इतना था कि वह महिला को झाड़ियों में घसीटता हुआ ले गया। बाद में ग्रामीणों को हेमा का क्षत-विक्षत शव मिला, जिसके बाद से पूरे इलाके में मातम और गुस्सा है।

विभाग का संकल्प: जल्द मिलेगी मुक्ति

विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जगह-जगह पिंजरे लगाए गए हैं और शिकार की लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है। वन विभाग इस दिशा में लगातार प्रयासरत है कि जल्द से जल्द इस खूंखार गुलदार को पकड़कर क्षेत्र में दोबारा शांति बहाल की जाए।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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