रामनगर। केंद्र सरकार द्वारा की जा रही उत्तराखंड की उपेक्षा से आहत विभिन्न संगठनों ने अनलॉक 4 में रेलवे मंत्रालय द्वारा रेल सेवा के पुनः परिचालन शुरू किए जाने को लेकर सांसदों से संसद में उत्तराखंड की आवाज उठाने,उत्तराखंड के सभी रेलवे स्टेशनों से पूर्व में संचालित समस्त ट्रेनों को पुनः परिचालन की मांग करते हुए उत्तराखंड के राज्यसभा एवं लोकसभा के सभी सांसदों को नायब तहसीलदार वीर सिंह चौहान के माध्यम से ज्ञापन भेजा है।
प्रदेश के समस्त सांसदों रमेश पोखरियाल निशंक, प्रदीप टम्टा,अनिल बलूनी ,तीरथ सिंह रावत , अजय भट्ट ,अजय टम्टा , श्रीमती माला राजलक्ष्मी शाह को संबोधित ज्ञापन में मांग की गई है कि भारत सरकार एवं रेल मंत्रालय के द्वारा अनलॉक 4 में के तहत देश के अंदर रेल सेवाओं का संचालन प्रारंभ कर दिया गया हैलेकिन इसमें उत्तराखंड की अपेक्षा की गई है । प्रदेश के लोगों को रेल सेवा का लाभ नहीं मिल पाने के कारण छात्रों , व्यापारियों एवं आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कोविड-19 कोरोना के कारण आज भी प्रदेश एवं अंतरराज्यीय आने जाने के लिए सार्वजनिक रेल एवं परिवहन की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। संगठन से जुड़े लोगों ने सांसदों से रेल मंत्रालय एवं रेलवे बोर्ड से वार्ता कर उत्तराखंड के सभी रेलवे स्टेशनों काठगोदाम, लालकुआं,रामनगर,काशीपुर, हरिद्वार ,देहरादून, ऋषिकेश ,कोटद्वार से चलने वाली ट्रेनों का सामान्य परिचालन शुरू करने की मांग की गई है तथा संसद सत्र के दौरान रेलवे के निजीकरण का विरोध में आवाज उठाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में देव भूमि विकास मंच के मनमोहन अग्रवाल, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी,सभासद अजमल, उक्रांद के इंद्र सिंह मनराल, राज्य आंदोलनकारी नवीन नैथानी रवि पछास, समर अली,मोहम्मद अशरफ, रसीद हुसैन, नुरुल इस्लाम, एडवोकेट मयंक मैनाली,संजय मेहता ,पंकज तिवारी, उदय राज सिंह, गंगा सिंह बोरा आदि थे।
रामनगर न्यूज : उत्तराखंड की हो रही उपेक्षा का मुद्दा संसद में उठाएं सांसद, भेजे ज्ञापन
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