हत्यारोपी पिता गिरफ्तार, कहा इसलिए मारा बिटिया को…
CNE DESK/हरियाणा के गुरुग्राम में इंटरनेशनल स्तर की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव 25 साल की गुरूवार को उसके ही पिता ने गोली मारकर हत्या कर दी। मृतका के पिता दीपक यादव पेशे से बिल्डर हैं। बताया जा रहा है कि उनका अपनी बेटी से टेनिस एकेडमी चलाने लेकर विवाद हुआ था।

हैरानी की बात यह है कि पिता ने ही अपनी बेटी को सवा करोड़ रुपये एकेडमी चलाने को दिए थे, लेकिन एक माह बाद ही जब लोगों ने ताने मारे तो वे बेटी पर इसे बंद करने का दबाव डालने लग गए थे। परिजनों का कहना है कि एकेडमी चलाने की बात को लेकर विगत 15 दिन से बाप—बेटी में विवाद चल रहा था।
पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि गुरुग्राम के सेक्टर 57 स्थित सुशांत लोक फेस टू स्थित आवास में राधिका यादव टेनिस एकेडमी चलाती थी, जिससे अच्छी कमाई हो रही थी। उसके पिता को लोग ताने मारते थे कि बेटी की कमाई खा रहा है। जिससे आहत होकर दीपक यादव ने उसे टेनिस एकेडमी बंद करने को कहा। मगर, राधिका नहीं मानी और दोनों के बीच बहस हो गई। जिसके बाद आरोपी ने गुस्से में आकर उसे गोलियां मार दीं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में हत्या का कारण राधिका का रील बनाना भी बताया गया है, जिससे पुलिस ने इंकार किया है।

रसाई में खाना बनाते वक्त मारी 3 गोलियां
आरोपी दीपक के भाई कुलदीप यादव ने पुलिस में शिकायत की। कुलदीप ने बताया कि गुरुवार सुबह दीपक का अपनी बेटी राधिका के साथ एकेडमी बंद करने को लेकर विवाद हुआ था। जब राधिका किचन में खाना बना रही थी, उसी वक्त दीपक ने पीछे से उसे अपनी लाइसेंसी पिस्टल से 3 गोलियां मार दीं। गोली की आवाज सुनकर उसके चाचा कुलदीप मौके पर पहुंचे और घायल राधिका को एशिया मैरिंगो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कत्ल के बाद बेटी के पास बैठा रहा पिता
बताया जा रहा है कि राधिका किचन में खून से लथपथ पड़ी थी और उसका पिता दीपक यादव तब भी पास में बैठा था। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी पिता ने बताई यह बात
पेशे से बिल्डर दीपक यादव ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसकी बेटी राधिका यादव बड़ी खिलाड़ी थी। नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर कई पदक जीत चुकी थी। इस बात पर पूरे परिवार को गर्व था।वह भी बेटी पर गर्व करता था।
दीपक यादव ने बताया कि करीब 3 माह पहले राधिका के कंधे में चोट लग गई थी। यह चोट टेनिस खेलते वक्त ही लगी थी। उन्होंने डॉक्टर से इलाज कराया। चोट से तो आराम मिल गया, लेकिन बेटी ने टेनिस खेलना छोड़ दिया। इसके बाद राधिका ने अपनी एकेडमी खोल ली, जहां वह लड़के-लड़कियों को टेनिस सिखाती थी।

बेटी की कमाई खाने का ताना बर्दाश्त नहीं हुआ
बिल्डर दीपक ने कहा कि वह जब दूध लेने जाता था तो लोग उसे ताना मारते थे कि वह बेटी की कमाई खा रहा है। यह बात उसे बहुत चुभती थी। अतएव उसने बेटी को अकादमी बंद करने को कहा, लेकिन वह नहीं मानी। गत गुरुवार को भी उसने बेटी को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। तब गुस्से में आकर उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से बिटिया को तीन गोलियां मार दीं। जिसके बाद उसकी बेटी रसोई में ही ढेर हो गई।

