अल्मोड़ा। पूर्व मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कहा है कि कोविड-19 के संक्रमण से उत्पन्न स्थिति से अर्थव्यवस्था बुरी तरह गिर चुकी है। ऐसे में उत्तराखण्ड़ राज्य के हजारों युवाओं को बेरोजगारी के घेरे मेंं ला दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें स्वरोजगार व आत्मनिर्भर बनाने के दावे कर रहे हैं, मगर हालत ये है कि बेरोजगारों को कोई राह नहीं दिख रही। यहां तक कि बैंक से ऋण के लिए बेरोजगारों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
उन्होंने यहां जारी बयान में कहा है कि केन्द्र व राज्य सरकार स्वरोजगार व आत्मनिर्भरता बनाने की बातें कर रहे हैं और बिना किसी गारन्टी के ही बैंकों से बेरोजगारों को ऋण उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं। श्री कर्नाटक ने कहा है कि पहाड़ में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने पिरुल से बिजली व कोयला उत्पादन की अपार संभावना बताई। कहा कि इससे काफी रोजगार मिल सकता है। इस दिशा में कदम उठने चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय जनपदों में पिरूल भरपूर मात्रा में है। इसके इस्तेमाल से रोजगार मिलेगा और गर्मियों में जंगल आग से बचेंगे और पर्यावरण भी शुद्ध होगा। उन्होंने कहा कि सरकार से ऐसे प्रोजेक्ट तैयार करने चाहिए। उन्होंने जीबी पंत पर्यावरण संस्थान के कोसी में लगे पिरुल के इस्तेमाल के उपकरण को भी जाकर देखा और इस संबंध में जानकारी प्राप्त की।
अल्मोड़ा : प्रोजेक्ट तैयार कर पिरुल को बनाया जाय रोजगारपरक — कर्नाटक
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