







रामनगर। पीपीपी मोड कम्पनी द्वारा रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय रामनगर में अनुबंध के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, आईसीयू, वेंटिलेटर, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन, समस्त जांचें अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध न कराए जाने से आक्रोशित सामाजिक, राजनैतिक सरोकारों से जुड़े जागरूक लोगों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया तथा मांगे न माने जाने पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर 30 जनवरी 2021 को एक दिवसीय उपवास रखने की घोषणा की।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज प्रातः 11 विभिन्न सामाजिक राजनीतिक संगठनों से जुड़े दर्जनों कार्यकर्ता चिकित्सालय परिसर में एकत्रित होकर नारेबाजी करने लगे तथा अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। धरना स्थल में देवभूमि विकास मंच के संयोजक मनमोहन अग्रवाल, राज्य आंदोलनकारी उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी के संचालन में हुई हंगामेदार सभा में सामाजिक, राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ललित उप्रेती, तुलसी छिमबाल, ललिता रावत, पंकज, चिंताराम, रमेश जोशी, मुनीष कुमार, आनंद नेगी, पंकज थपलिया, मनिंदर सिंह सेठी, पी सी जोशी, इन्द्र सिंह मनराल, लालमणी, एम आर टम्टा, नवीन नैनवाल, रवि, इंद्रजीत सिंह ने अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया तथा आरोप लगाया कि बेहतर एवं अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। वक्ताओं ने अनुबंध के आधार पर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र जल्द शुरू करने की मांग की। बाद में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मणि भूषण पंत के माध्यम से मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन भी भेजा। धरने में वीरपुर लच्छी, मालधन, पीरुमदारा, आमडंडा खता, लेटी, कालूसिद्ध नगर क्षेत्र ग्रामीण एवं नगर नगर क्षेत्र के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मणि भूषण पंत, पीपीपी मोड यूनिट प्रभारी डॉ. राकेश में धरना स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों को बताया कि अनुबंध के आधार पर जनवरी माह तक सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी उन्होंने बताया कि 7 जनवरी से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी।
अगर आप उत्तराखंडी हैं तो आपको भी इस शिक्षक ने पढ़ाया होगा, आज यह पूर्व सैनिक और शिक्षक आपसे गुरूदक्षिणा मांग रहा है।












