HomeUttarakhandNainitalहल्द्वानी में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी से आक्रोश

हल्द्वानी में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी से आक्रोश

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हल्द्वानी| दिल्ली के उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। उन्होंने मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी को लेकर आज हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका और नारेबाजी की।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव समित टिक्कू के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि देश के अंदर केंद्र सरकार जिस तरह से तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सीबीआई और ईडी अपने-अपने तरीकों से मनीष सिसोदिया के घर छापेमारी कर रही थी लेकिन कोई तथ्य नहीं मिला और अंत में तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाकर मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी की गई।

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि मनीष सिसोदिया की रिहाई जल्द से जल्द की जाए, नहीं तो केंद्र सरकार की तानाशाही पूर्ण रवैया के खिलाफ आम जनता में आक्रोश पनप रहा है जिसका खामियाजा यह होगा की तानाशाही वाली सरकार को जनता उखाड़ फेकेंगी।

ताजा अपडेट – CBI ने मनीष सिसोदिया को कोर्ट में पेश किया

CBI ने दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को सोमवार दोपहर 3:10 बजे राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। दिल्ली शराब नीति केस में जांच एजेंसी ने CBI के स्पेशल जज एमके नागपाल से सिसोदिया की 5 दिन की कस्टडी मांगी है। पत्नी की बीमारी को आधार बनाकर सिसोदिया जमानत की अपील कर सकते हैं। CBI ने रविवार को 8 घंटे की पूछताछ के बाद सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया था। जांच एजेंसी ने कहा था कि सिसोदिया सवालों के सही जवाब नहीं दे रहे हैं।

सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली समेत देश के कई शहरों में प्रदर्शन कर रही है। नेताओं-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। AAP ने कहा कि हम दिल्ली में भाजपा दफ्तर का घेराव करेंगे। जुलाई 2022 में दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI जांच की सिफारिश की थी। सक्सेना ने सिसोदिया पर नियमों को नजरअंदाज कर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद ED और CBI ने सिसोदिया के खिलाफ जांच शुरू की। इस मामले में भाजपा ने नए टेंडर के बाद गलत तरीके से शराब ठेकेदारों के 144 करोड़ माफ करने के आरोप लगाए हैं।

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