अगली सुनवाई 18 अगस्त को
मतगणना व परिणाम घोषित करने पर रोक
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव की मतगणना व परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मामला Suo Moto PIL in Re Free and Fair Elections of Zila Panchayat vs State of Uttarakhand से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई 14 अगस्त 2025 को हुई थी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 18 अगस्त को अगली सुनवाई की तिथि तय की है। साथ ही, 2019 के दो पुराने मामलों (PIL 21/2019 और PIL 133/2019) के तहत पहले दिए गए निर्देशों का पालन करने के आदेश भी जारी हुए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचा.), नैनीताल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि—
- मतगणना प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता, सुरक्षा और संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए।
- मतगणना स्थल पर फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी और सभी चरणों का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
- मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम पत्रक तैयार होगा, लेकिन हाईकोर्ट और राज्य निर्वाचन आयोग से अंतिम आदेश प्राप्त होने तक परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।
- तैयार परिणाम पत्रक को सील कर सुरक्षित कोषागार में रखा जाएगा। आदेश में संबंधित पुलिस अधिकारियों को मतगणना स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
क्या हुआ था !
ज्ञात रहे उत्तराखंड में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से पहले नैनीताल जिला पंचायत मुख्यालय के बाहर गुरुवार को कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। सुबह 10 बजे मतदान शुरू होने से पहले ही माहौल बेकाबू हो गया। इस दौरान बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान फायरिंग की घटना से एक युवक घायल हो गया था।
कांग्रेस का आरोप है कि उनके छह जिला पंचायत सदस्यों को पुलिस की मौजूदगी में जबरन उठा लिया गया। रेनकोट गैंग के सदस्यों के जिला पंचायत सदस्यों को उठाए जाने के मसले को कांग्रेस ने हाई कोर्ट में उठाया। हाई कोर्ट ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को रद्द कर दिया था। तय हुआ था कि अब यह चुनाव 18 अगस्त को होगा, लेकिन कोर्ट ने अब अगली तारीख पर रोक लगा दी है।
18 अगस्त को कोर्ट में पेश होगा परिणाम : डीएम
नैनीताल जिला पंचायत चुनाव की वोट गिनती कड़ी सुरक्षा और वीडियोग्राफिंग के बीच पूरी हो चुकी है। नतीजों को सील कर हाईकोर्ट कोर्ट के निर्देशों के अधीन रखा गया है। डीएम वंदना सिंह ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 22 जिला पंचायत सदस्यों के वोटों की गिनती की गई। नियमावली में री-पोलिंग का प्रावधान न होने के कारण सीधे काउंटिंग हुई। केवल बूथ कैप्चरिंग, तकनीकी खामी या बैलेट बॉक्स को नुकसान होने पर ही री-पोलिंग हो सकती है। चुनाव परिणाम सील्ड लिफाफे में रखा गया है, जिसे 18 अगस्त को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा।


