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अल्मोड़ा : हमारी भी सुने सरकार ! अब कबीना मंत्री से मिले गल्ला विक्रेता, कही यह बात

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

विगत पांच सालों से सम्मानजक मानदेय, नेट चार्ज देने, खाद्यान्न वितरण में ऑनलाइन की अनिवार्यता समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर संघर्षरत
पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति ने कबीना मंत्री रेखा आर्या को अपनी लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। साथ ही बताया कि मांगें पूरी नहीं होने पर 01 जुलाई से ऑनलाइन माध्यम से खाद्यान्न वितरण बंद कर दिया जायेगा।

ज्ञापन में कहा गया है कि पर्वतीय क्षेत्र के समस्त विक्रेता अपना कार्य पूर्ण निष्ठा व ईमानदारी पूर्वक कर रहे हैं और करना चाहते हैं, परंतु शासन द्वारा लगातार विक्रेताओं की समस्याओं व मांगों के प्रति उपेक्षापूर्ण व्यवहार अपनाया जाता रहा है। उन्हें आशा है कि कबीना मंत्री उनकी समस्याओं का समाधान करने में बड़ी भूमिका निभायेंगी। उन्होंने मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि —

⏩ पर्वतीय क्षेत्र में सरकारी गल्ले की छोटी दुकानें हैं, जिसमें 100 यूनिटों से लेकर 1000 यूनिटें (15 कार्ड से 200 कार्ड) तक ही अधिकांश दुकानों में सम्बद्ध है। इतनी कम यूनिटों व कार्डों में विक्रेताओं का लाभांश बहुत न्यून है, जिससे उनका तथा उनके परिवार का भरण-पोषण संभव नहीं है। अतः प्रत्येक विक्रेता को प्रतिमाह 30 हजार रुपया मानदेय स्वीकृत किया जाये। इस सम्बंध में विगत पांच वर्षों से शासन को लगातार अवगत कराया जाता रहा है।

⏩ पर्वतीय क्षेत्र की विषय भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां नेट कनेक्टीवी की गंभीर समस्या है तथा आघे दिन नेट उपलब्ध नहीं हो पाता है। बार-बार अनुरोध के पश्चात भी शासन द्वारा विक्रेताओं को नेट का खर्च स्वीकृत नहीं किया गया है, जिससे विक्रेताओं को लगातार आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है। अतएव खाद्यान्न वितरण में ऑनलाइन की अनिवार्यता समाप्त की जाये तथा नेट व्यय भी स्वीकृत किया जाये।

⏩ खाद्यान्न के बोरों में खाद्यान्न की जो मात्रा दर्शायी जाती है बोरों में उतना खाद्यान्न अनिवार्य रूप होना अनिवार्य किया जाये।

⏩ विक्रेताओं को खाद्यान्न/दालों में लाभांश प्रति कुन्तल 350 रुपया दिया जाये तथा राज्य खाद्य योजना में भी केन्द्रीय खाद्य योजना के अनुरूप लाभांश स्वीकृत किया जाये।

⏩ प्रत्येक विक्रेता का सामूहिक बीमा करवाया जाये।

⏩ विक्रेता के द्वारा स्वास्थ्य के कारण कार्य करने में असमर्थता व्यक्त करने पर यदि वह चाहे तो उसके परिवार के सदस्य के नाम लाइसेंस स्वीकृत करने का आदेश निर्गत करें।

⏩ उन्होंने कहा कि यदि खाद्यान्न वितरण के लिये नेट-खर्च स्वीकृत नहीं किया जाता है तथा उसकी अनिवार्यता को समाप्त नहीं किया जाता है तो विक्रेताओं द्वारा 01 जुलाई 2022 से आन-लाइन खाद्यान्न वितरण बंद कर दिया जायेगा।

⏩ उन्होंने आशा जताई कि कबीना मंत्री रेखा आर्या उनकी समस्याओं व मांगों पर शीघ्र प्रभावी कार्यवाई करेंगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि सचिव, खाद्य एवं रसद अनुभाग-देहरादून, जिलाधिकारी अल्मोड़ा व जिलापूर्ति अधिकारी अल्मोड़ा को भी दी गई है।

⏩ ज्ञापन देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष मनोज वर्मा, जिला महामंत्री केसर सिंह, प्रदेश सलाहकार दिनेश गोयल, प्रदेश संयोजक अभय साह, नगर अध्यक्ष भूपाल सिंह परिहार, नगर महामंत्री विपिन तिवारी, जिलाध्यक्ष संजय साह आदि शामिल रहे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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