दो दिन में सीईओ को वित्तीय चार्ज देने की मांग
अल्मोड़ा के अशासकीय शिक्षकों ने नवंबर माह का वेतन न मिलने पर तीव्र नाराजगी जताई। पूर्व सीईओ के प्रमोशन के बाद वित्तीय चार्ज न मिलने से वेतन रुका। शिक्षकों ने दो दिन में वित्तीय प्रभार सौंपने या आंदोलन की चेतावनी दी।
CNE REPORTER, अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिले के अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने नवंबर माह का वेतन अब तक जारी न होने पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की है।
बुधवार को आयोजित एक वर्चुअल बैठक के दौरान, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) को वित्तीय प्रभार नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। शिक्षकों का कहना है कि पर्याप्त बजट होने के बावजूद, केवल प्रशासनिक औपचारिकता पूरी न होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अशासकीय शिक्षकों और कर्मचारियों की वर्चुअल बैठक में इस समस्या के मूल कारण पर चर्चा की गई। शिक्षकों ने बताया कि जिले के पूर्व प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ), अत्रेश सयाना का 26 नवंबर को संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नति हो गई थी, जिसके बाद वे कार्यमुक्त हो गए।
उनके कार्यमुक्त होने के पश्चात्, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), चंदन सिंह बिष्ट, को सीईओ का कार्यभार सौंपा गया। हालाँकि, समस्या यह आई कि निदेशक स्तर से वित्तीय प्रभार (Financial Charge) की फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अतिरिक्त, किसी नए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इस प्रशासनिक गतिरोध के चलते, नए प्रभारी सीईओ चंदन सिंह बिष्ट को वित्तीय प्रभार नहीं मिल पाया है।
बजट होने पर भी भुगतान रुका
शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों के कर्मचारियों के वेतन के लिए बजट उपलब्ध है। इसके बावजूद, वित्तीय प्रभार न होने की वजह से वेतन संबंधी बिलों पर हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे हैं और भुगतान रुका हुआ है। कर्मचारियों ने कहा कि इस प्रशासनिक लापरवाही का सीधा खामियाजा शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है, जिससे उनके दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है।
शिक्षकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बैठक में उपस्थित सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक स्वर में मांग की है कि शिक्षा निदेशालय तत्काल हस्तक्षेप करे और अगले दो दिन के भीतर मुख्य शिक्षा अधिकारी को वित्तीय प्रभार सौंपने की प्रक्रिया पूरी करे, जिससे नवंबर माह का बकाया वेतन जल्द से जल्द जारी किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन की समय सीमा के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे अपनी मांगों को लेकर व्यापक आंदोलन शुरू कर देंगे।
इस वर्चुअल बैठक में मंडलीय महामंत्री डॉ. महेंद्र सिंह मेहरा, जिलाध्यक्ष हीरा सिंह मेहरा, महेंद्र सिंह चौहान, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश सिंह खोलिया, और कोषाध्यक्ष दीवान सिंह रावत सहित कई अन्य शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

