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जैंती: कब बहुरेंगे बांजधार स्वास्थ्य केंद्र के दिन, न कोई जांच और न पूरा स्टाफ, लड़ाई के स्वर फिर मुखर

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देवेंद्र सिंह बिष्ट, जैंती
अल्मोड़ा जिलांतर्गत जैंती तहसील के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र आज भी स्वास्थ्य की पुख्ता सुविधाओं को तरसती रह गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जो सरकारी अस्पताल हैं भी, तो वह ज्यादातर मामलों में रेफरल सेंटर बने हुए हैं। ऐसे हालातों को बयां कर रहा हैं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बांजधार। जहां डाक्टर हैं, मगर मैन पावर नहीं और जांच की सुविधाएं नदारद हैं। ऐसे क्षेत्र में आक्रोश पनप रहा है। यहां तक कि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं नव युवक मंगल दल सिल्पड़ ने फिर आंदोलन का अल्टीमेटम दे दिया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांजधार में सुविधाओं का आलम ये है कि यह ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित हैं। एक अदद एक्स-रे कराना हो, अल्ट्रासाउंड कराना हो या फिर ब्लड टेस्ट अथवा बड़ा उपचार, तो दूर अल्मोड़ा, हल्द्वानी, बरेली, दिल्ली के चक्कर काटना मजबूरी है। कई बार तो इलाज के लिए दूर ले जाते वक्त गंभीर मरीज राह में दम तोड़ देते हैं। तत्काल उपचार नहीं मिल पाने के कारण मौत से हार जाते हैं। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति से गरीब तबके के लोग गुजरते हैं, जिन्हें दूर इलाज को जाने में अतिरिक्त खर्चा भारी पड़ता है और फजीहत अलग। व्यवस्था का हाल ये है कि अस्पताल में एलोपैथिक, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक व डेन्टल विंग हैं। मगर स्टाफ का टोटा। डेंटल व फार्मासिस्ट नहीं हैं। आयुर्वेद में चिकित्सक तैनात हैं, लेकिन उनके साथ सिर्फ एक कर्मचारी स्वच्छक ही कार्यरत है। होम्योपैथिक में महिला डाक्टर तैनात है व एक फार्मासिस्ट तैनात है। टैक्नीशियन एक भी नहीं है, जबकि पहले आंदोलन भी हो चुका है। मगर बात महज आश्वासन तक ही सीमित रही। लोगों में इस बात को लेकर भी रोष व्याप्त है।
आश्वासन धरे रह गए:- करीब दो वर्ष पूर्व छात्रनेताओं व युवाओं ने अस्पताल में सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन किया था। स़ह सूत्रीय मांगों को लेकर यह आंदोलन तहसील कार्यालय जैंती में चला था। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं के निवारण के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। जिसमें जिला स्तरीय जिला अधिकारियों ने शीघ्र ही अस्पताल की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। अस्पताल में शीघ्र एक्सरे टैक्नीशियन व लैब टैक्नीशियन की तैनाती की बात कही थी। एंबुलेंस की व्यवस्था का आश्वासन दिया था। मगर आज तक आश्वासन धरे रह गए।
फिर आंदोलन की सुगबुगाहट:- अस्पताल की हालत में सुधार नहीं आने से फिर आक्रोश के स्वर मुखर होने लगे हैं। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं युवा मंगल दल सिल्पड़ के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह बिष्ट का कहना है कि यदि अविलंब प्रशासन अपने आश्वासनों को पूरा नहीं करता है, तो वे दुबारा जोरदार विशाल जनांदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस जैंती अस्पताल के नाम से है और वह हमेशा लमगड़ा में खड़ी रहती है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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