नालागढ़। किलां पल्लासी के बसोट गांव में नेहरू युवा केंद्र सोलन ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर कार्यक्रम का आोजन किया। नेहरू युवा केंद्र सोलन विकास खंड नालागढ़ राष्ट्रीय स्वयंसेवक अजैब सिंह ने कार्यक्रम में भाग लिया। जिसमें अजैब सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 2012 से मनाया जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण और उन्हें उनके अधिकार प्रदान करने में मदद करना, ताकि दुनिया भर में उनके सामने आने वाली चुनौतियों का वे सामना कर सकें और अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें इसका मुख्य उद्देश्य है। साथ ही दुनिया भर में लड़कियों के प्रति होने वाली लैंगिक असमानताओं को खत्म करने के बारे में जागरूकता फैलाना भी कार्यक्रम का उद्देश्य है।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बालिका दिवस मनाने की पहल एक गैर-सरकारी संगठन ‘प्लान इंटरनेशनल’ प्रोजेक्ट के रूप में की गई। इस संगठन ने “क्योंकि में एक लड़की हूँ” नाम से एक अभियान भी शुरू किया। इसके बाद इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने के लिए कनाडा सरकार से संपर्क किया। फिर कनाडा सरकार ने 55वें आम सभा में इस प्रस्ताव को रखा। अंत: संयुक्त राष्ट्र ने 19 दिसंबर, 2011 को इस प्रस्ताव को पारित किया और इसके लिए 11 अक्टूबर का दिन चुना। इस प्रकार पहला अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 11 अक्टूबर, 2012 को मनाया गया।

कार्यक्रम में आशा वर्कर शकुंतला देवी ने भी प्रकाश डाला। उन्होंने कोविड 19 के प्रति भी लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में बसोट के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलजीत कौर, सुखविन्द्र कौर व माजरा की भिन्दर कौर व रामपुर की कुलदीप कौर के साथ में स्वास्थ विभाग उपकेंद्र रामपुर के आशा वर्कर, आंगनबाड़ी की हेल्पर सुदेश कुमारी व न्वया,शकुंतला देवी व पलक गांव के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।









