सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा और समूचे कुमाऊँ की सबसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री नंदादेवी रामलीला के पंचम दिवस का आयोजन भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस दिन की रामलीला में श्रीराम के वनगमन, सुमंत प्रसंग, केवट प्रसंग, भिल्ल प्रसंग, वनवासिन प्रसंग, भरत-कैकई प्रसंग, शत्रुघ्न-मंथरा प्रसंग, दशरथ विलाप और मृत्यु तथा चित्रकूट मिलन की प्रस्तुतियाँ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देने वाली थीं।

कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने किया। साथ ही विशिष्ट अतिथि दशहरा समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की, पूर्व ग्राम प्रधान हरीश कनवाल, जगदीश नगरकोटी, सारांश मुंगली और पार्षद नेहा टम्टा ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह मेर और संयोजक वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश पांडे ने अतिथियों को राम प्रसादी भेंट स्वरूप प्रदान की।
मुख्य अतिथि रघुनाथ सिंह चौहान ने राम भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि रामलीला का मूल संदेश “सत्य की सदैव विजय होती है” है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने हर परिस्थिति में धर्म और सत्य का पालन किया, चाहे इसके लिए उन्हें कठिन वनवास क्यों न सहना पड़ा।
विशिष्ट अतिथि अजीत सिंह कार्की ने बताया कि पिछले दो वर्षों में स्थल उपलब्ध न होने के कारण दशहरा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाए थे। इस वर्ष ये कार्यक्रम हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे और उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्टेडियम पहुंचकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाएं।
रामलीला का शुभारंभ श्रीराम स्तुति से हुआ, जबकि छोटे बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। वंदना में हर्षिता पांडे, अंजलि थापा, कनिष्का पांडे, सृष्टि उप्रेती, कोमल कांडपाल, मानवी बोरा और काव्या कांडपाल ने उत्कृष्ट अभिनय किया।
संगीत में हारमोनियम पर मोहन जोशी, तबले पर शेखर सिजवाली, मजीरे पर अर्जुन बिष्ट और अंजन बोरा ने सहयोग दिया। रामलीला में उद्घोषक के रूप में वरिष्ठ पत्रकार अनिल सनवाल ने भूमिका निभाई।
नंदादेवी रामलीला के मुख्य पात्र
मुख्य पात्रों में दशरथ – नवीन बिष्ट, कैकई – पुष्पा रौतेला, कौसल्या – भावना पांडे, सुमित्रा – दीक्षा हरबोला, राम – द्रोण नेगी, लक्ष्मण – अविरल जोशी, सीता – किरण परगाई, भरत – सौम्या सनवाल, शत्रुघ्न – आदित्य गुरुरानी, सुमंत – गणेश मेर, केवट – हरि विनोद साह और भिल्ल का अभिनय सुमित और साथी ने किया।
मंचन की तैयारियों में हरीश बिष्ट, प्रकाश जोशी और चंद्र मोहन परगाई ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। मंच सज्जा में अतुल वर्मा, महेंद्र बिष्ट, संदीप साह, राजकुमार बिष्ट, कविश अरोरा और अन्य कलाकारों ने दशरथ दरबार, केवट सेट, चित्रकूट सेट सहित लीला में चार चाँद लगा दिए।
सोशल मीडिया पर नमन बिष्ट द्वारा रामलीला का सीधा प्रसारण किया गया। राजेश पालनी और कोषाध्यक्ष धनंजय साह ने दर्शकों के बैठने की व्यवस्था को सुचारू रूप से सुनिश्चित किया।
कार्यक्रम में नंदादेवी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मनोज वर्मा, उपाध्यक्ष एवं महानगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, रामलीला कमेटी संयोजक प्रकाश पांडे, वरिष्ठ पत्रकार अनिल सनवाल, अनूप साह, सुभाष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।
अल्मोड़ा की ऐतिहासिक श्री नंदादेवी रामलीला ने दर्शकों को एक बार फिर भारतीय संस्कृति और धर्म के महत्व को जीवंत रूप में अनुभव कराने का अवसर प्रदान किया। पंचम दिवस की यह भव्य प्रस्तुति आने वाले दिनों में और भी अधिक उत्साह और श्रद्धा का संचार करेगी।

