👉 प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था चौकस, न्यायालय परिसर में बहु स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल: उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड, नैनीताल को धमकी भरा ई-मेल मिलने से हड़कंप मंच गया। सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सक्रिय हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान आईजी कुमायूं रिद्धिम अग्रवाल ने संभाल ली है। प्रकरण की संवेदनशीलता के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।

जैसे ही हाईकोर्ट को धमकी भरा ई—मेल मिलने की सूचना प्राप्त हुई, तो पुलिस महानिरीक्षक कुमायूं परिक्षेत्र रिद्धिम अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचीं और हाईकोर्ट का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके निर्देशन में न्यायालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक एवं बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल मंजूनाथ टीसी, पुलिस अधीक्षक अपराध डॉ. जगदीश चंद्रा तथा हाईकोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी राकेश बिष्ट भी मौजूद रहे। आईजी कुमायूं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को निर्देशित किया कि उच्च न्यायालय की समस्त सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कर 03 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
मुख्य सुरक्षा अधिकारी तथा पुलिस उपाधीक्षक राकेश बिष्ट को आवश्यक निर्देश दिए गए। न्यायालय परिसर में सघन चेकिंग, एंटी-सैबोटाज जांच, डॉग स्क्वॉड एवं बम निरोधक दस्ते द्वारा विस्तृत निरीक्षण कराया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर प्रत्येक आगंतुक की गहन तलाशी सुनिश्चित की गई। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु स्थानीय पुलिस बल के अतिरिक्त 01 कम्पनी पीएसी तथा एटीएस की टीम भी तैनात की गई है। उच्च न्यायालय के प्रत्येक एंट्री गेट पर बार एसोसिएशन नैनीताल द्वारा अधिकृत (Authorization) लेटर जारी किए जाएंगे तथा बाहरी व्यक्तियों की एंट्री केवल उक्त प्राधिकृत पत्र के आधार पर ही सुनिश्चित की जाएगी।
आईजी कुमायूं विशेष रूप से न्यायालय परिसर में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा सुनिश्चित करने, सीसीटीवी कैमरों की 24×7 सतत मॉनिटरिंग करने, साइबर सेल द्वारा प्राप्त ई-मेल की तकनीकी जांच कर स्रोत का शीघ्र पता लगाने, न्यायालय परिसर में आने वाले प्रत्येक बाहरी व्यक्ति का पृथक रजिस्टर अनिवार्य रूप से मेंटेन करने, जिसमें उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचान-पत्र का विवरण, आगमन का उद्देश्य एवं समय अंकित करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य एसटीएफ तथा केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर तकनीकी एवं खुफिया स्तर पर गहन जांच की जा रही है।

